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आज मैं आज़ाद , यह पिंजरा तेरा है ……..

आज मैं आज़ाद
यह पिंजरा तेरा है
यह ज़मीन मेरी यह असमान मेरा
मैं आसमान की स्वतंत्र चिड़िया हूँ
अंधेरे का बना घर अब तेरा
आज मैं आज़ाद यह पिंजरा तेरा
यह धरती भी मेरी
चन्दा की चाँदनी भी मेरी
सारा जहाँ भी मेरा
आज मैं आज़ाद यह पिंजरा तेरा
नारी है शक्ति, नारी है जान,
नारी के बिना अधूरा जहान।
ममता की मूरत, प्रेम की धारा,
हर रूप में है सुंदर सितारा।
आज मैं आज़ाद यह पिंजरा तेरा
स्त्रियाँ पिंजरा तोड़ कर
पहुँची अपने मक़ाम पर
जहाँ ज़िंदगी उनकी ,फ़ैसला उनका
आज़ादी भी उनकी ,हौसला भी उनका
आज मैं आज़ाद यह पिंजरा तेरा
रोक न पाए कोई बेड़ियाँ,
अब नारी है साहसी, तेज़ तर्रार।
अपने दम पर खड़ी है आज,
चमक रही जैसे एक अंगार।
आज मैं आज़ाद यह पिंजरा तेरा
महिला दिवस की शुभकामनाएँ

उत्तर प्रदेश



