जालौन के चमारी गांव में ‘माताप्रसाद द्विवेदी पुस्तकालय’ का भव्य लोकार्पण

उद्घाटन समारोह में सौरभ द्विवेदी ने घोषणा की कि उन्होंने और उनकी पत्नी गुंजन सांगवान ने अपनी सभी चल और अचल संपत्ति ‘देस राग’ (ग्राम विकास संस्था) के माध्यम से बुंदेलखंड में 100 पुस्तकालयों के निर्माण के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है। उन्होंने यह भी बताया कि वे दोनों देहदान का संकल्प भी ले चुके हैं।
- अमन कुमार राठौर / राकेश कुमार
जालौन। वरिष्ठ पत्रकार सौरभ द्विवेदी की पहल पर जालौन के चमारी गांव में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बने आधुनिक ‘माताप्रसाद द्विवेदी पुस्तकालय’ का रविवार को भव्य लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर राज्यसभा उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने फीता काटकर पुस्तकालय का उद्घाटन किया।

इस खास मौके पर देश भर से कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं, जिनमें शिक्षाविद विकास दिव्यकीर्ति, कवि एवं वक्ता कुमार विश्वास, फिल्म अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे, और कॉमेडियन जाकिर खान शामिल थे। प्रदेश सरकार के कई मंत्री भी समारोह में उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना की।
ग्रामीण शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण पहल
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और ज्ञान के ऐसे केंद्र स्थापित करना अत्यंत जरूरी है। यह पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं है, बल्कि युवाओं के सपनों को दिशा देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आदर्श स्थान बनेगा।

पुस्तकालय की खासियत
पुस्तकालय का भवन उसी विशेष पत्थर से निर्मित है, जिसका इस्तेमाल संसद भवन में हुआ था। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित यह केंद्र विद्यार्थियों को अध्ययन और ज्ञानार्जन के लिए बेहतर माहौल प्रदान करेगा। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पहल गांव और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को शिक्षा और अवसरों के प्रति जागरूक करेगी।

ज्ञान की चिंगारी
नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि पुस्तकालय केवल किताबों का भवन नहीं है, बल्कि यह समाज में ज्ञान की चिंगारी जगाने का माध्यम है। उन्होंने बाल श्रम जैसी समस्याओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि तब तक विकास अधूरा है जब तक एक भी बच्चा मजदूरी के लिए मजबूर है।
यूपी के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने कहा कि अब समय आ गया है कि शहरों के साथ-साथ गांवों में भी आधुनिक पुस्तकालय स्थापित किए जाएं, ताकि युवाओं को आईएएस और आईपीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिल सके।
इस भव्य समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने की और कार्यक्रम ने बुंदेलखंड में शिक्षा और ज्ञान के प्रसार के लिए एक नई दिशा का संदेश दिया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के तौर पर राज्य सभा के उपसभापित हरिवंश, डॉ. विकास दिव्यकीर्ति भी सम्मलित हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने की।



