मथुरा में पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय का 15वां दीक्षांत समारोह, 177 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां

- अनुराधा सिंह
मथुरा। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में पंडित दीन दयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान, मथुरा का 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। समारोह में कुल 177 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की गईं।
इनमें 69 बीवीएससी एवं एएच, 74 स्नातकोत्तर, 5 पीएचडी और 29 बायोटेक्नोलॉजी की उपाधियां शामिल रहीं। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को 14 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य सहित कुल 20 पदक प्रदान किए गए। इसके अलावा 4 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (स्नातकोत्तर), 1 सर्वश्रेष्ठ शोधप्रबंध (पीएचडी) और 1 सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार भी दिए गए।
इस अवसर पर इटावा जनपद के 225 आंगनवाड़ी केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए किट वितरित की गईं, जिनमें 200 किट जिला प्रशासन इटावा तथा 25 किट विश्वविद्यालय के सहयोग से उपलब्ध कराई गईं।

ब्रजभूमि करुणा और सह-अस्तित्व की भूमि: राज्यपाल
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मथुरा को आस्था, संस्कृति और करुणा का पावन धाम बताते हुए कहा कि ब्रजभूमि का कण-कण संरक्षण और सह-अस्तित्व का संदेश देता है। उन्होंने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता और गुरुजनों के मार्गदर्शन का भी परिणाम है।
‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ की अवधारणा पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में पशुधन क्षेत्र केवल पशुपालन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह खाद्य और पोषण सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से भी जुड़ा है। उन्होंने ‘वन अर्थ, वन हेल्थ’ की अवधारणा पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों की भूमिका समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कृषि और पशुपालन क्षेत्र के लिए सरकार की पहल
राज्यपाल ने बताया कि कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगभग 1.32 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। किसानों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी का प्रावधान किया गया है, जिससे उत्पादन लागत कम होगी और किसानों की आय बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पशुपालन, डेयरी और पोल्ट्री आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। साथ ही एग्री-स्टार्टअप, अनुसंधान और नवाचार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान का आह्वान
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज के हित में करें और वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। उन्होंने विश्वविद्यालयों को अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने की भी सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकगण, विद्यार्थी और अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



