सिख प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव से मिलकर उठाई उत्पीड़न की शिकायत

- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात कर सिख समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा शासन में कथित उत्पीड़न और विभिन्न समस्याओं को लेकर शिकायत की।
प्रतिनिधिमंडल ने जताई धार्मिक भावनाओं के आहत होने की बात
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राष्ट्रीय सचिव एवं पंजाब प्रभारी कुलदीप सिंह भुल्लर ने किया। प्रतिनिधियों ने बताया कि हरिद्वार स्थित ऐतिहासिक श्री ज्ञान गोदड़ी गुरुद्वारा को वर्ष 1984 में हटाया गया था, लेकिन आज तक उसके पुनर्निर्माण के लिए न तो स्थान उपलब्ध कराया गया है और न ही अनुमति दी गई है। इस मुद्दे से सिख समाज की भावनाएं आहत हो रही हैं।

किसानों और जमीन विवादों को लेकर भी उठे सवाल
प्रतिनिधियों ने शाहजहांपुर और पीलीभीत क्षेत्र का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां 70 वर्षों से किसान कब्जेदारी कर रहे हैं, उन्हें विस्थापित करने की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, जिन मामलों में मुकदमे चल रहे हैं, उन जमीनों को भी लेकर चिंता जताई गई।
सरकारी नौकरियों में भेदभाव का आरोप
सिख प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सिख समाज के युवाओं को सरकारी नौकरियों में उचित अवसर नहीं मिल रहे हैं और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। प्रतिनिधियों का कहना था कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन्हें परेशान कर रही है।
सपा सरकार में प्रतिनिधित्व का किया उल्लेख
प्रतिनिधियों ने कहा कि समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार में अखिलेश यादव के नेतृत्व में सिख समाज को प्रतिनिधित्व मिला था, जब एक सिख को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रयास किए गए थे।
कई प्रमुख सदस्य रहे शामिल
इस प्रतिनिधिमंडल में बाबा जसवीर सिंह, बाबा काला सिंह, कश्मीर सिंह, निर्मलजीत सिंह, जसप्रीत सिंह, नरेन्द्र सिंह, संदीप सिंह, गुरदेव सिंह, शेर सिंह, सुक्खा सिंह, आकाश सिंह, गुरविन्दर सिंह, गुरजोत सिंह, मनजीत सिंह, जगतार सिंह, विक्रम सिंह और जितेन्द्र सिंह सहित कई लोग शामिल रहे।



