जम्मू-कश्मीर: नौगाम पुलिस स्टेशन में विस्फोट, 9 मृत, कई घायल

- समय टुडे डेस्क।
जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर जिले में स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन के पास शुक्रवार रात हुए एक घातक विस्फोट में कम से कम 9 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों ने तत्काल क्षेत्र को घेर लिया और राहत कार्य शुरू कर दिया। सीआरपीएफ के महानिरीक्षक (आईजी) पवन कुमार शर्मा और जम्मू-कश्मीर पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा उपायों का आकलन किया।
विस्फोट के कारणों की जांच जारी है, और अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे विस्फोट स्थल के पास न जाएं और राहत कार्य में सुरक्षा बलों से सहयोग करें। घटनास्थल पर मौजूद सुरक्षा अधिकारियों ने खोजी कुत्तों की मदद से जांच को आगे बढ़ाया।
विस्फोट के कुछ दिन बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की, जिसमें कहा गया कि 10 नवंबर को दिल्ली में हुए विस्फोट के तार श्रीनगर के नौगाम क्षेत्र से जुड़े हुए थे। सुरक्षा बलों ने बताया कि 19 अक्टूबर को एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जब इलाके में आपत्तिजनक पोस्टर्स पाए गए थे। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा था।
इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 20 से 27 अक्टूबर के बीच शोपियाँ और गंदरबल से दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया। 5 नवंबर को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक चिकित्सक डॉ. आदिल को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कई अन्य गिरफ्तारियाँ हुईं और हथियारों के बड़े जखीरे के साथ विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई।
9 नवंबर को फरीदाबाद के धौज क्षेत्र से मद्रासी नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जबकि अगले दिन, अल फलाह मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मोहम्मद इश्तियाक के घर से 2,563 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किए गए। बाद में अतिरिक्त 358 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, डेटोनेटर और टाइमर भी बरामद किए गए।
यह घटनाएँ एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा प्रतीत होती हैं, और इस पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज से यह पुष्टि हुई कि विस्फोट में इस्तेमाल की गई गाड़ी को इस मॉड्यूल के एक सदस्य उमर ने चलाया था, और इस विस्फोट का संबंध फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक सामग्री से है।
सुरक्षा बलों ने हाल ही में इस मॉड्यूल का पर्दाफाश किया और बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री और बम बनाने के उपकरण बरामद किए, जिससे एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया गया। हालांकि, विस्फोट के कारण की जांच अभी जारी है, और यह पता किया जा रहा है कि क्या यह घटना पूर्व नियोजित थी या किसी आपातकालीन स्थिति का परिणाम।
दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां घटना के बाद तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और आवश्यक जांच कार्य शुरू कर दिया। गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसजी, एनआईए और फोरेंसिक टीमों को मौके पर भेजने का निर्देश दिया। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कर दिया गया, और विस्फोट में इस्तेमाल की गई गाड़ी के मालिकाना हक की जांच की जा रही है।



