ABVP ने अपनी ही सरकार पर खोला मोर्चा: योगी मंत्री राजभर के खिलाफ प्रदर्शन

- अनुराधा सिंह
लखनऊ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश में अपनी ही सरकार के खिलाफ गुस्सा व्यक्त किया। यह विरोध प्रदर्शन बाराबंकी के श्रीराम स्वरूप मेमोरियल यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ, जहां छात्रों ने एलएलबी कोर्स की मान्यता और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के निलंबन को लेकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन और लाठी चार्ज:
सोमवार को एलएलबी छात्रों ने भारी बारिश के बावजूद शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप था कि यूनिवर्सिटी 2022 से बिना बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की मान्यता के लॉ कोर्स चला रही है। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कम से कम 25 ABVP कार्यकर्ता घायल हुए। छात्र यह भी आरोप लगा रहे हैं कि प्रशासन के इशारे पर बाहरी लोगों ने भी उन पर हमला किया।

मंत्री राजभर के बयान से भड़का विरोध:
मामले को और बढ़ा दिया कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयान ने। उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने पर पुलिस कार्रवाई करेगी और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज सही था। इस बयान के बाद छात्रों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने देर रात लखनऊ में राजभर के आवास के बाहर प्रदर्शन किया, पुतला फूंका और नारेबाजी की।
सरकारी कार्रवाई:
इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए। छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के लिए तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया और बाराबंकी के CO सिटी हर्षित चौहान को हटाया गया। अयोध्या रेंज के IG प्रवीण कुमार और बाराबंकी मंडलायुक्त राजेश कुमार को घटना की जांच के आदेश दिए गए।
छात्रों की मांगें:
ABVP और अन्य छात्र संगठनों ने यूनिवर्सिटी प्रशासन और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, निलंबित छात्रों की बहाली और लॉ डिग्री की मान्यता को स्पष्ट करने की मांग की है। छात्र चेतावनी दे रहे हैं कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
कुलपति का पक्ष:
यूनिवर्सिटी के कुलपति विकास मिश्रा ने कहा कि यह घटना बाहरी लोगों के कारण हुई और यूनिवर्सिटी के छात्रों की नहीं थी। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के पास 2023 तक BCI की मान्यता है और 2027 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन जमा किया जा चुका है।



