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साइकिल गुम हुई तो पुलिस बनी सहारा, लौटी मुस्कान सफाईकर्मी के चेहरे पर

  • दिव्या पाण्डेय

कानपुर नगर। थाना रेलबाजार में तैनात सफाईकर्मी अनिल कुमार अपनी ड्यूटी के प्रति हमेशा ईमानदार और समर्पित रहे हैं। रोज़ाना दूर-दराज़ से आने-जाने के लिए उनका एकमात्र सहारा उनकी पुरानी साइकिल थी। लेकिन अचानक साइकिल गुम हो जाने से उनका जीवन कठिनाईयों से भर गया। आर्थिक तंगी के चलते नई साइकिल खरीदना उनके लिए संभव नहीं था और पैदल आना-जाना बेहद थकाऊ हो गया।

अनिल कुमार की यह परेशानी जब थाना रेलबाजार के प्रभारी निरीक्षक श्री बहादुर सिंह तक पहुँची, तो उन्होंने संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय देते हुए अनिल कुमार को एक नई साइकिल भेंट की। यह साइकिल पाकर अनिल कुमार की आँखें नम हो गईं और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।

भावुक अनिल कुमार ने कहा – “आपने सिर्फ साइकिल नहीं दी साहब, मेरी रोज़ी-रोटी की राह आसान कर दी।”

यह घटना साबित करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था ही नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए सहारा और इंसानियत की मिसाल भी है। वर्दी के पीछे संवेदना का दिल धड़कता है, तभी पुलिस सचमुच ‘जनसेवा का चेहरा’ बन जाती है।

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