कानपुर: महिला लिपिक का हाथ पकड़ने वाले डॉक्टर को वेंटिलेटर प्रशिक्षण से बाहर किया गया

कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि डॉ. शिवम मिश्रा प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान की गई हरकत के बाद अस्पताल आए और बहुत रोते हुए कहा कि अब वह नशा छोड़ देंगे। इसके बाद डॉ. मिश्रा को लखनऊ के निरवाना नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कर दिया गया है, जहां उन्हें नशे की लत छोड़ने का इलाज जारी है।
- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में वेंटिलेटर प्रशिक्षण लेने आए एक डॉक्टर के नशे की हालत में महिला लिपिक का हाथ पकड़ने के मामले में कड़ा रुख अपनाया गया है। आरोपी डॉक्टर डॉ. शिवम मिश्रा को प्रशिक्षण से बाहर कर दिया गया है। उनकी तैनाती कांशीराम अस्पताल में है।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि यदि ऐसी घटनाएं दोबारा हुईं, तो बाहर के अस्पतालों के डॉक्टरों को प्रशिक्षण नहीं दिया जाएगा। प्राचार्य ने मामले की जानकारी प्रमुख सचिव और महानिदेशक को भी पत्र भेजी। आरोपी डॉक्टर फिलहाल लखनऊ के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती हैं।
घटना शुक्रवार को हुई थी। इसकी शिकायत अनेस्थेसिया विभागाध्यक्ष डॉ. अपूर्व अग्रवाल ने प्राचार्य को लिखित रूप में दी। इसके बाद प्राचार्य ने कांशीराम अस्पताल के सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा को पत्र भेजकर कार्रवाई का निर्देश दिया। डॉ. काला ने कहा कि आरोपी डॉक्टर अक्सर शराब पीकर प्रशिक्षण में आते हैं, जो बेहद शर्मनाक स्थिति है।
अनेस्थेसिया विभाग में एक सप्ताह के प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अस्पताल स्टाफ को वेंटिलेटर और आईसीयू संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। घटना के बाद डॉ. मिश्रा को प्रशिक्षण से बाहर कर दिया गया। डॉ. चंद्रा ने बताया कि डॉ. मिश्रा बहुत रोते हुए आया और कहा कि अब नशा छोड़ देगा।
प्राचार्य डॉ. काला ने यह भी बताया कि यह दूसरी घटना है। इससे पहले प्रशिक्षण के लिए आए उर्सला के नेत्र रोग विशेषज्ञ ने रेजीडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़ की थी। इस तरह की हरकतों को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और संबंधित मामलों में पुलिस जांच और जांच कमेटी गठित की गई है।



