अंतरिक्ष से लौट रही सुनीता विलियम्स, 9 महीने बाद हो रही वापसी

समय टुडे डेस्क।
सुनीता विलियम्स 9 महीने बाद धरती पर वापस लौटने वाली हैं। 19 मार्च को सुबह लगभग 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट पर उनका स्पेसक्राफ्ट लैंड होगा। उनके साथ बुच विल्मोर भी धरती पर वापस लौटने वाले हैं। सफल वापसी के लिए गांव में यज्ञ-पूजन का आयोजन हो रहा है। नासा लगातार अपने दोनों एस्ट्रोनॉट्स को लेकर जानकारी साझा कर रहा है, माना जा रहा है कि अगर मौसम सही रहा तो ठीक समय पर ही सुनीता और बुच की लैडिंग धरती पर हो जाएगी। यहां भी सबसे जरूरी स्पेसक्राफ्ट की ISS से अनडॉकिंग होगी। इसका मतलब यह है कि ड्रैगन कैप्सूल इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से अलग होगा।
जानकारी के लिए बता दें कि 15 मार्च को SpaceX का क्रू-मिशन अंतरिक्ष में गया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सामने से एलन मस्क को यह जिम्मेदारी सौंपी थी कि दोनों ही एस्ट्रोनॉट्स को सुरक्षित वापस धरती पर लाया जाए। पहले तो क्रू मिशन और जल्दी जाने वाला था, लेकिन कुछ तकनीकी खराबी की वजह से उस तारीख को आगे बढ़ाना पड़ा। अब माना जा रहा है कि 17 घंटे में यह मिशन अपना मकसद पूरा कर लेगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को पत्र लिखकर भारत आने का न्योता दिया है। विलियम्स अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र पर नौ महीने बिताने के बाद बुधवार को पृथ्वी पर लौटने वाली हैं। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक मार्च को लिखे गए पत्र को नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो के माध्यम से विलियम्स को भेजा गया है। इस पत्र को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया।
बुच विल्मोर और विलियम्स बोइंग के नए स्टारलाइनर कैप्सूल से पांच जून को केप कैनवेरल से रवाना हुए थे। दोनों एक सप्ताह के लिए ही गए थे लेकिन अंतरिक्ष यान से हीलियम के रिसाव और वेग में कमी के कारण वे लगभग नौ माह से अंतरिक्ष स्टेशन में फंसे हुए थे। रविवार को विल्मोर और विलियम्स के स्थान पर अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को तैनात करने के लिए ‘स्पेसएक्स’ का यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंच गया था।



