अयोध्या में ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां तेज, खुफिया एजेंसियां अलर्ट पर

- दिवाकर कुमार
आयोध्या। अयोध्या में आगामी 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। किसी भी चूक से बचने के लिए खुफिया एजेंसियों ने पहले से ही डेरा डाल दिया है, जबकि कार्यक्रम की रिहर्सल भी शुरू कर दी गई है।
त्योहारों के बाद अब नई चुनौती ध्वजारोहण समारोह की
दुर्गापूजा, दीपोत्सव, अक्षय नवमी और परिक्रमा जैसे बड़े आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के बाद पुलिस ने थोड़ी राहत की सांस ली थी। लगभग 60 लाख श्रद्धालुओं के दर्शन और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने के बाद प्रशासन ने बेहतरीन प्रबंधन दिखाया, लेकिन अब 25 नवंबर का कार्यक्रम नई चुनौती बनकर सामने है।
22 दिन पहले ही जुटे विशेषज्ञ
ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा तैयारियों को अभेद्य बनाने की कवायद जारी है। कार्यक्रम से 22 दिन पहले ही खुफिया एजेंसियां और सुरक्षा विशेषज्ञ अयोध्या पहुंच चुके हैं। पूर्व के प्रधानमंत्री दौरों से जुड़ी फाइलें खंगाली जा रही हैं, ताकि किसी भी स्थिति से निपटने की रणनीति पहले से तय हो सके। राम मंदिर परिसर समेत पूरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने के लिए अनुभवी अधिकारियों की टीमें तैनात की गई हैं।
सुरक्षा का खाका तैयार
अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि ध्वजारोहण कार्यक्रम को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा का एक मजबूत खाका तैयार किया जा रहा है ताकि अयोध्या आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण मिल सके।
उन्होंने कहा कि अब तक सभी धार्मिक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए हैं और प्रशासन का लक्ष्य इस ऐतिहासिक कार्यक्रम को भी उसी तरह सफलता से अंजाम देना है।
पीएमओ की घोषणा का इंतजार
हालांकि प्रधानमंत्री के दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी घोषित नहीं हुआ है, लेकिन पीएमओ से प्रारंभिक संकेत मिलने के बाद से ही सभी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। अयोध्या प्रशासन “रामकाज” की भावना से इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी में जुटा है।



