आतंकी लिंक की जांच तेज: डॉ. शाहीन के साथ गायब हुए सात डॉक्टरों से पूछताछ, दिल्ली–लखनऊ तक सक्रिय हुई टीमें

- समय टुडे डेस्क।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में डॉ. शाहीन का नाम सामने आने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से बिना सूचना गायब हुए सात डॉक्टरों पर भी जांच एजेंसियों ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक कई टीमें इन डॉक्टरों से पूछताछ कर रही हैं और उनके पुराने रिकॉर्ड तथा लोकेशन संबंधी डेटा जुटा रही हैं।
बिना बताए कॉलेज छोड़ने वालों पर एजेंसियों की नजर
जांच में सामने आया कि जिस समय डॉ. शाहीन कॉलेज से गायब हुआ, उसी अवधि में सात और डॉक्टरों ने भी बिना सूचना संस्था छोड़ दी थी। अब इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
अधिकतर डॉक्टरों ने एजेंसियों को यही बताया है कि उन्होंने कम सैलरी और ज्यादा खर्चों के कारण कॉलेज छोड़ा। इनमें से कोई दुबई चला गया, कोई दिल्ली में शिफ्ट हुआ, तो कुछ ने प्राइवेट या दूसरी सरकारी नौकरी जॉइन कर ली।
डॉ. आरिफ का कनेक्शन आया रडार पर
दिल्ली ब्लास्ट मामले में डॉ. शाहीन का नाम सामने आने के बाद जांच डॉ. आरिफ तक पहुंची। इसी आधार पर एजेंसियों ने मेडिकल कॉलेज परिसर में लगातार अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। टीमें रोजाना कॉलेज पहुंचकर दस्तावेज़ और कर्मचारियों से संबंधित विवरण जुटा रही हैं।
कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट प्रशासन ने अब डॉ. आरिफ की सैलरी रोक दी है और आंतरिक जांच कमेटी गठित कर 10 बिंदुओं पर आधारित सत्यापन प्रक्रिया शुरू की है। पहले चरण में प्रथम वर्ष के 30 छात्रों की जानकारी की जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि डॉ. आरिफ का नाम दिल्ली धमाके की साजिश में शामिल डॉ. शालिनी के नेटवर्क से जुड़ा पाया गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उसे हिरासत में लिया।
सहकर्मी बोले—’बहुत सीधे थे, कम बोलते थे’
कार्डियोलॉजी विभाग में साथ काम करने वाले डॉक्टरों ने बताया कि डॉ. आरिफ कम बोलते थे और जो भी काम दिया जाता, वह चुपचाप पूरा कर देते थे। सहकर्मी अक्सर मज़ाक में कहते—“तुम इतने सीधे हो, यूपी में कैसे गुजारा करोगे?” इस पर वह सिर्फ मुस्कुरा देते थे।
उन्हें जिस दिन एजेंसियां लेकर गईं, उस दिन भी उन्होंने सामान्य रूप से अपनी शाम की इमरजेंसी ड्यूटी पूरी की, राउंड लिया और उसके बाद घर गए।
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