कासगंज में क्षेत्रीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का शुभारंभ, डिजिटल सुरक्षा को लेकर नागरिकों की भूमिका पर जोर

- अमित कुमार
लखनऊ। जनपद कासगंज में आयोजित परिक्षेत्र स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशाला का शुभारम्भ पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बढ़ते डिजिटल उपयोग के बीच साइबर सुरक्षा को लेकर नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना रहा।
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञ श्री अमित दूबे ने प्रतिभागियों को वित्तीय ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरैस्ट, डिजिटल साक्ष्य के संग्रहण व संरक्षण, सोशल मीडिया सुरक्षा मानकों तथा विभिन्न साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सतर्कता और सही समय पर की गई रिपोर्टिंग बड़े नुकसान से बचा सकती है।
अपने संबोधन में पुलिस महानिदेशक ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हर नागरिक के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। कोविड काल के बाद डिजिटल भुगतान और ई-कॉमर्स के तेजी से बढ़ने के साथ साइबर अपराधों में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने आग्रह किया कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर ‘गोल्डन टाइम-फ्रेम’ में सही तथ्य दर्ज कराना बेहद जरूरी है। डीजीपी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस तकनीक आधारित, पारदर्शी और त्वरित साइबर जांच के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन सुरक्षित डिजिटल समाज बनाने में जनता की सक्रिय भागीदारी ही असली आधार है।
कार्यशाला में अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन, पुलिस उप महानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र, जिलाधिकारी कासगंज, साथ ही अलीगढ़, हाथरस, कासगंज व एटा के पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे। विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-छात्र, व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधि तथा परिक्षेत्र के सभी जनपदों के थाना व साइबर सेल के अधिकारी/कर्मचारी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।



