केंद्र सरकार ने बड़े कारोबारियों का कर्ज माफ किया, वायनाड भूस्खलन पीड़ितों का नहीं: प्रियंका गांधी

- सोनाली सिंह
नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर वायनाड भूस्खलन पीड़ितों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया है। बुधवार को उन्होंने कहा कि सरकार को बड़े कारोबारियों का कर्ज माफ करने में कोई झिझक नहीं होती, लेकिन वायनाड के भूस्खलन पीड़ितों का कर्ज माफ करने से वह पीछे हट रही है।
कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार के उस रुख पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उसने केरल उच्च न्यायालय में कहा था कि वह वायनाड भूस्खलन पीड़ितों का कर्ज माफ नहीं कर सकती। प्रियंका ने कहा कि वह उच्च न्यायालय की उस टिप्पणी से पूरी तरह सहमत हैं, जिसमें कहा गया था कि केंद्र ने पीड़ितों की जरूरत के समय उन्हें निराश किया है।
बुधवार को केरल उच्च न्यायालय ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार ने 2024 में वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन के पीड़ितों का कर्ज माफ करने के अपने अधिकारों का उपयोग न करके उन्हें ‘वास्तविक रूप से निराश’ किया है।
इस मुद्दे पर केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन ने भी केंद्र के रुख की आलोचना की और इसे “गलत कदम” बताया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन पीड़ितों पर विभिन्न प्रकार के कर्ज हैं, लेकिन उनके पास न तो आय का कोई स्रोत है और न ही कोई संपत्ति बची है। ऐसे में कर्ज माफी न केवल जरूरी बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अनिवार्य है।
गौरतलब है कि 30 जुलाई 2024 को वायनाड जिले के मुंडक्कई और चूरलमाला क्षेत्रों में भीषण भूस्खलन हुआ था। इस आपदा में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों लोग घायल हुए थे। दोनों क्षेत्र लगभग पूरी तरह तबाह हो गए थे, जिससे हजारों परिवार विस्थापित हो गए।
प्रियंका गांधी ने कहा कि ऐसे कठिन समय में केंद्र सरकार को मानवता दिखाते हुए पीड़ितों का कर्ज माफ करना चाहिए था, ताकि वे अपने जीवन को दोबारा संवार सकें, लेकिन केंद्र की नीति ने केवल उनकी पीड़ा को और बढ़ा दिया है।



