‘आत्मनिर्भर प्रशिक्षण’ से बंदियों में जागी नई उम्मीद, मुख्यधारा में लौटने का संकल्प मजबूत
- विवेक कुमार
कानपुर देहात। जिला कारागार में दीक्षालय फाउंडेशन द्वारा संचालित ‘आत्मनिर्भर कौशल विकास प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का भव्य समापन एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त बंदियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और नए जीवन की शुरुआत का उत्साह स्पष्ट नजर आया।

इस प्रशिक्षण के अंतर्गत बंदियों को ब्यूटी पार्लर और इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में दक्ष बनाया गया, जिससे वे रिहाई के बाद आत्मनिर्भर बन सकें और समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जुड़ सकें।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (प्रथम) श्री रजत सिन्हा, अपर जिला सत्र न्यायाधीश श्री हिमांशु कुमार सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) की सचिव श्रीमती नूपुर श्रीवास्तव, जिला कारागार अधीक्षक श्री धीरज कुमार सिन्हा, असिस्टेंट जेलर श्री राजेश कुमार एवं दीक्षालय फाउंडेशन के प्रबंधक/सचिव श्री अनुराग त्रिवेदी उपस्थित रहे।
अतिथियों ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि कौशल विकास के माध्यम से बंदियों को एक नई दिशा मिलती है, जिससे वे समाज में सकारात्मक योगदान दे सकते हैं। उन्होंने “अपराध से घृणा, अपराधी से नहीं” के सिद्धांत को अपनाने पर जोर दिया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और जेल प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने बंदियों के भीतर आत्मबल और आत्मनिर्भरता की भावना को सुदृढ़ किया।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षित बंदियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।


