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‘ठाकुर हूं मैं…’ वायरल वीडियो पर बैंककर्मी आस्था सिंह की सफाई, बोलीं– “पूरा सच सामने आना जरूरी”

  • ज्योति सिंह

कानपुर नगर। पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर एक निजी बैंक की महिला कर्मचारी का 44 सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिला गुस्से में खुद को “ठाकुर” बताते हुए किसी व्यक्ति को चेतावनी देती नजर आती हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे ग्राहक और बैंक कर्मचारी के बीच विवाद बताया, जबकि कुछ ने इसे जातीय और राजनीतिक संदर्भों से जोड़कर भी देखा।

हालांकि अब इस मामले में संबंधित बैंककर्मी आस्था सिंह ने खुद सामने आकर पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया है।

क्या है वायरल वीडियो में?

वायरल वीडियो पनकी साइट नंबर-दो स्थित एक निजी बैंक शाखा का बताया जा रहा है। वीडियो में दिखाई दे रही महिला कर्मचारी की पहचान आस्था सिंह के रूप में हुई है, जो 15 दिसंबर से उक्त शाखा में रिलेशनशिप अफसर के पद पर कार्यरत हैं।

वीडियो में आस्था सिंह को यह कहते सुना जा सकता है—
“अपने पति को समझा दो, मुझे जानती नहीं… ठाकुर हूं… यहां बकैती नहीं चलेगी।”

यही बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद का कारण बना।

“यह ग्राहक से जुड़ा मामला नहीं” — आस्था सिंह

वीडियो वायरल होने के बाद आस्था सिंह ने एक नया वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि यह घटना 6 जनवरी की है और करीब एक महीने पुरानी है।

आस्था के मुताबिक, यह मामला किसी बैंक ग्राहक से जुड़ा नहीं था और न ही उन्होंने किसी ग्राहक के साथ अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विवाद उसी बैंक में कार्यरत एक महिला कर्मचारी से जुड़ा था, जिसने इस्तीफा दे दिया था और उसी दिन रिलीविंग ऑर्डर की मांग की जा रही थी।

आस्था का कहना है कि संबंधित महिला की ननद सुबह से शाखा में बैठी हुई थीं, जिसको लेकर कहासुनी हुई।

“शाम को पति शाखा में घुस आया”

आस्था सिंह के अनुसार, बहस के बाद संबंधित महिला कर्मचारी ने अपने पति को जानकारी दी। आरोप है कि शाम करीब साढ़े चार बजे, बैंक का कार्य समय समाप्त होने के बाद, वह व्यक्ति शाखा में आया और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया।

आस्था का दावा है कि उस व्यक्ति ने उनसे उनकी जाति पूछी और धमकी भरे शब्दों का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि उसी दौरान वीडियो बनाया गया और वायरल करने की धमकी दी गई। इसी तनावपूर्ण स्थिति में उन्होंने गुस्से में वह बयान दिया।

“शब्द गलत हो सकते हैं, लेकिन…”

आस्था सिंह ने स्वीकार किया कि उनके शब्दों को गलत माना जा सकता है, लेकिन उनके मुताबिक अपमान और धमकी की स्थिति में प्रतिक्रिया देना स्वाभाविक था।

उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने “ठाकुर हूं” वाले बयान पर कायम हैं और इसे लेकर उन्हें गर्व है।

आस्था ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ईमेल के माध्यम से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी है।

वहीं शाखा प्रबंधक सुमित कुमार ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

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