“भाजपा ने अपनी मानसिकता के कारण दीपोत्सव में नहीं बुलाया” : अवधेश प्रसाद

- दिवाकर गुप्ता
अयोध्या। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और सांसद अवधेश प्रसाद ने अयोध्या में आयोजित दीपोत्सव समारोह में आमंत्रण न मिलने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकारी धन से आयोजित किया गया था, लेकिन भाजपा की “मानसिकता और विचारधारा” के चलते उन्हें बुलाया नहीं गया।
रविवार को एएनआई से बातचीत में अवधेश प्रसाद ने कहा, “अयोध्या में दीपोत्सव हर साल होता है। इस बार भी कई लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या मैं कार्यक्रम में जा रहा हूं, लेकिन मुझे कोई निमंत्रण नहीं मिला। जबकि यह आयोजन सरकारी खर्च पर किया गया था। भाजपा की मानसिकता और विचारधारा के कारण उन्होंने मुझे आमंत्रित नहीं किया।”
उन्होंने कहा कि सपा दीपोत्सव का विरोध नहीं करती, बल्कि उसका स्वागत करती है। “हम दीपोत्सव के खिलाफ नहीं हैं। हम चाहते हैं कि यह रोशनी लोगों के घरों और जीवन में भी पहुंचे। आधा तेल दीयों में जलेगा और आधा बेचा जाएगा — लेकिन जरूरत है उस व्यवस्था की जो वास्तव में अंधकार मिटाए और समाज में जागरूकता लाए,” उन्होंने तंज करते हुए कहा।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान का समर्थन करते हुए प्रसाद बोले, “अखिलेश जी ने जो कहा, वह बिल्कुल सही है। अगर आप अयोध्या जाकर देखेंगे तो समझ आएगा कि किस तरह सरकारी धन की बर्बादी हो रही है। त्योहारों में दिखावा नहीं, बल्कि ऐसी नीतियों की जरूरत है जो जनता के जीवन में खुशियां, रोजगार और विकास लाए।”
इस बीच, अयोध्या में दीपोत्सव 2025 की तैयारियां चरम पर हैं। राम की पैड़ी के घाटों पर इस बार 26 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे एक नया रिकॉर्ड बनने की उम्मीद है। श्रद्धालु और पर्यटक पहले से ही पवित्र नगरी में पहुंचने लगे हैं।
सरकार की ओर से सुरक्षा, यातायात और आवास की विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। पटना से आए एक श्रद्धालु ने कहा, “सरकार ने इस बार भक्तों के लिए बेहतरीन इंतजाम किए हैं। माहौल अद्भुत है।”
दीपोत्सव भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास से लौटने और रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार, अयोध्यावासियों ने मिट्टी के दीये जलाकर भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण का स्वागत किया था। यह पर्व अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है।



