2026 में खुलेगा दक्षिण का सरकारी अस्पताल, निर्माण में लापरवाही से नाराज हुए जनप्रतिनिधि

सीएमओ ने बताया कि उपकरणों की आपूर्ति और डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि “व्यवस्थाएं पूरी होते ही अस्पताल शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।”
- मनीष कुमार
कानपुर नगर। दक्षिण क्षेत्र के नवनिर्मित पहले सरकारी अस्पताल के संचालन की राह अभी लंबी दिख रही है। करोड़ों की लागत से तैयार यह भवन खुद मरम्मत और देखभाल की मांग कर रहा है। गुरुवार को निरीक्षण पर पहुंचे सांसद रमेश अवस्थी और विधायक महेश त्रिवेदी ने भवन की दीवारों में सीलन, उखड़ते टाइल्स, बिजली की खराब वायरिंग और असुरक्षित स्विच बोर्ड देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल खामियां दूर करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान विधायक त्रिवेदी ने कहा कि “यह अस्पताल गरीबों के इलाज के लिए बन रहा है, इसलिए निर्माण में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।” उन्होंने खुद दीवारों और टाइल्स की गुणवत्ता जांची और कहा कि टाइल्स दोबारा लगाई जाएं। कई कमरों में लाइट और स्विच बोर्ड दुरुस्त न होने पर भी नाराजगी जताई।
अस्पताल परिसर में उगी झाड़ियों को देखकर सांसद अवस्थी ने उन्हें तुरंत साफ कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी से संचालन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। सीएमओ ने बताया कि उपकरणों की आपूर्ति और डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सफाई कर्मियों की नियुक्ति के लिए शासन को पत्र भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि “व्यवस्थाएं पूरी होते ही अस्पताल शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा।”
दोनों जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी खामियां एक से दो दिन में दूर करने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान भाजपा के कई पदाधिकारी—शिवराम सिंह, अनूप अवस्थी, रीता शास्त्री, पुष्पा तिवारी, विनोद शुक्ल, दीपंकर मिश्र, दीपू पासवान और नीरज गुप्ता सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिकारियों ने दी जानकारी
सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया,
“भवन को हमने हैंडओवर कर लिया है और कोशिश में हैं कि अस्पताल जल्द से जल्द शुरू किया जाए। डॉक्टरों और स्टाफ की नियुक्ति के साथ ऑक्सीजन पाइपलाइन और आवश्यक उपकरण लगाए जाएंगे। उम्मीद है कि 2026 तक अस्पताल पूरी तरह संचालित हो जाएगा।”
प्रोजेक्ट अधिकारी यूपीआरएनएन राकेश कुमार गुप्ता ने कहा,
“14 अक्तूबर को भवन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। हस्तांतरण के एक साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी हमारी रहेगी। जो भी कमियां बताई गई हैं, उन्हें शीघ्र ठीक किया जाएगा।”
दिवाली के बाद हो सकता शुभारंभ
किदवईनगर में 100 बेड क्षमता वाले इस अस्पताल का उद्घाटन दिवाली के बाद होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल यहां स्टाफ और कई आवश्यक सुविधाओं का अभाव है।
विधायक महेश त्रिवेदी ने बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर शहर दक्षिण क्षेत्र के विकास कार्यों पर चर्चा की थी। बताया गया कि प्रारंभिक चरण में यहां ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी और धीरे-धीरे अन्य सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।



