NEWS

‘युद्ध का युग खत्म नहीं, शुरू हो रहा है’: आर्थिक सर्वेक्षण पर संसद में राहुल गांधी का बयान

  • समय टुडे डेस्क।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आर्थिक सर्वेक्षण पर चर्चा के दौरान वैश्विक हालात को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में उन्हें दो महत्वपूर्ण बिंदु खास तौर पर उल्लेखनीय लगे, जो वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की गंभीरता को दर्शाते हैं।

राहुल गांधी ने पहला बिंदु भू-राजनीतिक संघर्षों की तीव्रता से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया एकध्रुवीय व्यवस्था से हटकर बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जहां चीन, रूस और अन्य उभरती शक्तियां अमेरिका के प्रभुत्व को चुनौती दे रही हैं। उनके अनुसार, यह बदलाव वैश्विक शक्ति संतुलन में बड़े परिवर्तन का संकेत है।

उन्होंने दूसरा महत्वपूर्ण बिंदु ऊर्जा और वित्त के शस्त्रीकरण को बताया। गांधी ने कहा कि आज ऊर्जा संसाधनों और वित्तीय प्रणालियों का उपयोग रणनीतिक हथियारों के रूप में किया जा रहा है। इससे वैश्विक प्रतिस्पर्धा और संघर्ष की स्थिति और जटिल होती जा रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण का व्यापक संदेश यह है कि दुनिया स्थिरता के दौर से निकलकर अस्थिरता के दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के उस पुराने बयान का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि “युद्ध का युग समाप्त हो गया है।” गांधी ने तर्क दिया कि मौजूदा परिस्थितियां इसके विपरीत संकेत देती हैं और दुनिया वास्तव में युद्ध के युग में प्रवेश कर रही है।

उन्होंने यूक्रेन युद्ध, गाजा संघर्ष, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संभावित खतरे का उल्लेख किया। साथ ही, उभरते सुरक्षा परिदृश्य के संदर्भ में ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया।

गांधी ने आगे कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ रहा है, जिसमें अमेरिकी डॉलर और अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती मिल रही है। उनके अनुसार, दुनिया एक महाशक्ति की व्यवस्था से निकलकर एक नई और अनिश्चित वैश्विक संरचना की ओर बढ़ रही है, जिसका भविष्य अनुमान लगाना कठिन है।

Related Articles

Back to top button