राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ललितपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने ललितपुर में की विकास कार्यों की समीक्षा, अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं के लाभ सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
- मनीषा जैन
ललितपुर। प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज जनपद ललितपुर में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर जिले में विकास कार्यों और कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की।
राज्यपाल ने निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप अंत्योदय की भावना के तहत सभी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी पारदर्शिता और बिना किसी भेदभाव के किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने जनपद में कराए गए जीरो पावर्टी सर्वे की सराहना की और कहा कि लाभ सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों के घर पहुँचाए जाएँ ताकि उन्हें दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को सभी सर्वेक्षणों की स्वयं निगरानी करने और समय पर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

साथ ही, उन्होंने जनप्रतिनिधियों से बाल विवाह रोकथाम, शराबबंदी और महिला शिक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया। बाल विवाह के मामलों में विवाह से पहले काउंसलिंग और पंजीकरण अनिवार्य करने, तथा यदि विवाह कराया जाता है तो पुलिस कार्रवाई करने के निर्देश दिए। हर गांव में महिलाओं की टोलियाँ बनाकर बच्चों और महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने पर जोर दिया गया।
शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा में राज्यपाल ने बच्चों के नामांकन में कमी पर चिंता जताई और कहा कि हर बच्चे को 3 वर्ष की आयु में आंगनबाड़ी और 6 वर्ष की आयु में कक्षा 1 में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी केन्द्रों को सशक्त बनाकर कुपोषण रोकथाम पर विशेष ध्यान देने को कहा।
राज्यपाल ने खेल, स्वरोजगार और सामाजिक जागरूकता पर भी बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जनपद के खेल मैदानों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएँ, स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार से जोड़ा जाए, और रेड क्रॉस सोसायटी में प्रत्येक गांव में कम से कम 10 सदस्य बनाए जाएँ।
बैठक में पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से जनपद में किए गए नवाचारों की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल थे:
- जनसेवाओं का डिजिटलीकरण
- नदियों का पुनरोद्धार
- आईएसओ प्रमाणन और बेस्ट इलेक्टोरल प्रैक्टिसेस
- बाल गृहों में बच्चों की घर वापसी
- बायोगैस प्लांट से रसोई गैस आपूर्ति
- मातृ स्वास्थ्य देखभाल प्रचार
- आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण
- ड्रॉपआउट किशोरियों का नामांकन
- बाल संसद और किचन गार्डन
- निपुण भारत मिशन एवं अभिनव प्रयोग
- 112 खेल मैदान/मिनी स्टेडियम निर्माण
- सोलर पावर से गांवों को रोशन करना
- ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन
- ग्रामीण पुस्तकालयों का निर्माण
- जल जीवन मिशन, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य योजनाएँ
- पोषाहार वितरण और कुपोषण रोकथाम



