राम मंदिर ध्वजारोहण: प्रधानमंत्री मोदी ने रामलला गर्भगृह में पूजा की, मंदिर निर्माण हुआ औपचारिक रूप से पूर्ण

- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। अयोध्या में मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर के 191 फुट ऊँचे शिखर पर पवित्र भगवा धर्मध्वज फहराया, जिसने मंदिर निर्माण के औपचारिक रूप से पूरा होने और भारत के सांस्कृतिक इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत को चिह्नित किया।

प्रधानमंत्री मोदी के साथ इस अनुष्ठान में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहे। ध्वजारोहण से पहले प्रधानमंत्री ने माता अन्नपूर्णा मंदिर और राम जन्मभूमि परिसर स्थित सप्तमंदिर में दर्शन किए, जहाँ महर्षि वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुह और माता शबरी के मंदिर स्थित हैं।
इसके बाद उन्होंने शेषावतार मंदिर का भी भ्रमण किया।

‘धर्म ध्वज’ के आध्यात्मिक प्रतीक
फहराए गए त्रिकोणीय भगवा ध्वज पर तीन पवित्र प्रतीक अंकित हैं—
- ॐ: शाश्वत आध्यात्मिक ध्वनि
- सूर्य: भगवान राम के सूर्यवंश का प्रतीक
- कोविदार वृक्ष: ऋषि कश्यप द्वारा निर्मित प्राचीन संकरण, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का संकेत
ध्वजारोहण विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त में किया गया।
सदियों का संकल्प आज सिद्ध हुआ: प्रधानमंत्री मोदी
ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,
“आज अयोध्या भारत की सांस्कृतिक चेतना के एक और पवित्र बिंदु की साक्षी है। संपूर्ण भारत और विश्व राममय है। सदियों के घाव भर रहे हैं और सदियों का संकल्प आज सिद्धि को प्राप्त हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि धर्मध्वज पर अंकित सूर्य, कोविदार वृक्ष और भगवा रंग राम राज्य के आदर्शों—सत्य, न्याय और गरिमा—का प्रतिरूप हैं।
प्रधानमंत्री ने इसे “संकल्प, सफलता और युगों पुराने सपनों का साकार स्वरूप” बताया।
उन्होंने आगे कहा,
“आने वाली सदियाँ यह धर्मध्वज प्रभु राम के आदर्शों का उद्घोष करेगा—सत्य की जीत होती है, असत्य की नहीं। प्राण जाए पर वचन न जाए। यह ध्वज हर भारतीय को प्रेरणा देगा।”
प्रधानमंत्री ने दुनिया भर के करोड़ों राम भक्तों, दानियों, कारीगरों, वास्तुकारों, श्रमिकों और मंदिर निर्माण से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
रामायण और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का भव्य स्थापत्य
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के अनुसार ध्वजारोहण के साथ ही मंदिर निर्माण औपचारिक रूप से पूर्ण घोषित हुआ।

मंदिर परिसर की मुख्य विशेषताएँ—
- नागर शैली में निर्मित मुख्य शिखर
- दक्षिण भारतीय वास्तुशिल्प में निर्मित 800 मीटर लंबा परकोटा
- बाहरी दीवारों पर 87 प्रसंग उकेरे गए, जो वाल्मीकि रामायण पर आधारित हैं
- घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य दृश्य
राम भक्तों का स्वागत, अयोध्या में रोड शो
समारोह से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अयोध्या में रोड शो किया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने तिरंगा लहराकर उनका स्वागत किया। मोदी ने फेसबुक पर लिखा—
“श्री राम जन्मभूमि मंदिर में ध्वजारोहण उत्सव में हिस्सा लेने के लिए अयोध्या पहुंचा!”



