राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण पर संसद में तत्काल बहस की मांग की, मोदी सरकार की चुप्पी पर उठाए सवाल

- नेहा शर्मा
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देशभर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर संसद में तुरंत बहस कराने की मांग की है। शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले उन्होंने केंद्र सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदूषण जैसे स्वास्थ्य संकट पर “न कोई तत्परता, न कोई योजना और न ही जवाबदेही दिखाई दे रही है।”
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि उन्हें मिलने वाली अधिकांश माताएँ अपने बच्चों की बिगड़ती सेहत को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा, “भारत के बच्चे ज़हरीली हवा में साँस ले रहे हैं। मोदी जी, आप चुप कैसे रह सकते हैं?”
उन्होंने वायु प्रदूषण पर संसद में विस्तृत चर्चा और एक सख्त, लागू करने योग्य राष्ट्रीय कार्ययोजना की मांग की।
इसी कड़ी में कांग्रेस 30 नवंबर को सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ पर संसदीय रणनीति समूह की बैठक करेगी, जिसमें 1 दिसंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र की रणनीति तैयार की जाएगी।
केजरीवाल ने जीएसटी को लेकर केंद्र पर निशाना साधा
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी केंद्र सरकार को एयर प्यूरीफायर पर 18% जीएसटी लगाने को लेकर घेरा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत की हवा “जानलेवा” हो चुकी है और सरकार समाधान देने के बजाय जनता पर टैक्स का बोझ डाल रही है।
केजरीवाल ने मांग की कि एयर और वॉटर प्यूरीफायर पर लगने वाला जीएसटी तुरंत हटाया जाए।
दिल्ली में हवा ‘बहुत खराब’, कई इलाकों में स्थिति ‘गंभीर’
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली का औसत AQI 384 रहा, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में है।
अशोक नगर (417), बवाना (413), चांदनी चौक (408), जहांगीरपुरी (420), जेएनयू स्टेडियम (401) और बुराड़ी क्रॉसिंग (403) जैसे कई इलाकों में AQI ‘गंभीर’ स्तर पर दर्ज हुआ।
सुप्रीम कोर्ट करेगा मामले की रोजाना सुनवाई
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सोमवार से नियमित सुनवाई करने का फैसला किया है।
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने एमिकस क्यूरी अपराजिता सिंह की इस दलील से सहमति जताई कि स्थिति बेहद गंभीर है और त्वरित हस्तक्षेप की जरूरत है।



