इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी पर लगाई रोक, सरकार और पीड़िता से मांगा जवाब
- समय टुडे डेस्क।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिजनौर जिले के नजीबाबाद थाने में दर्ज एक महत्वपूर्ण मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह मामला शादी का झूठा वादा कर शारीरिक संबंध बनाने के आरोप से जुड़ा हुआ है।
कोर्ट ने इस मामले में शिकायतकर्ता महिला और राज्य सरकार दोनों से जवाब मांगा है। साथ ही, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक आरोपियों के खिलाफ किसी प्रकार की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्र और न्यायमूर्ति पद्म नारायण मिश्र की खंडपीठ ने दिया। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह निर्णय लिया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ताओं ने अदालत में अपनी दलीलें पेश करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की, जबकि सरकारी पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपना पक्ष रखा।
बिजनौर के नजीबाबाद थाना क्षेत्र में दर्ज इस मामले में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 (शादी का झूठा वादा कर यौन संबंध बनाना) और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि आरोपी ने शादी का झूठा वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी अपने वादे से मुकर गया, जिसके बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां राज्य सरकार और शिकायतकर्ता के जवाब के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी।


