नारायणपुर: पट्टे की भूमि पर अवैध कब्ज़े और निर्माण का विवाद बढ़ा, खरीद-फरोख्त पर भी सवाल

- दीपांशु सावरन
औरैया। मौजा नारायणपुर स्थित गाटा संख्या 210 व 211—जो भारतीय विद्यालय के सामने स्थित है—को लेकर अवैध कब्ज़े और निर्माण का विवाद तेजी से गहराता जा रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वर्ष 1948 में यह भूमि उनके पूर्वजों को दवामी पट्टे के रूप में आवंटित हुई थी और आज भी सरकारी रिकॉर्ड में उसी नाम से दर्ज है।
आरोप है कि विरोधी पक्ष बैंक नीलामी का हवाला देकर स्वामित्व का दावा प्रस्तुत कर रहा है और इसी आधार पर प्लॉटिंग, सीमांकन परिवर्तन और बाहरी हिस्से पर निर्माण कार्य कर रहा है। पीड़ित का कहना है कि बीते छह महीनों से लगातार शिकायतों के बावजूद न तो सीमांकन कराया गया और न ही अभिलेखों की जांच, जबकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

पीड़ित पक्ष ने लोगों को चेताया है कि दवामी पट्टे वाली भूमि पर किसी भी प्रकार का प्लॉट, दुकान या मकान खरीदना कानूनन गलत माना जा सकता है। उनका कहना है कि ऐसी खरीद-फरोख्त भविष्य में निरस्त हो सकती है और खरीदार भी कानूनी विवाद में उलझ सकते हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि करोड़ों की कीमत वाली इस भूमि पर बिना नक्शा पास कराए और बिना स्वामित्व सत्यापन के निर्माण कार्य होना गंभीर अनियमितता है। पीड़ित पक्ष ने चेताया है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वह मामला मुख्यमंत्री से लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने को बाध्य होगा।
पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में चर्चा तेज कर दी है और लोग जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप, निष्पक्ष जांच और अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।



