SIR विवाद के बीच ममता के गढ़ नदिया पहुंचे पीएम मोदी, 3200 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात, रैली को करेंगे संबोधित

- सोनाली सिंह
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के दौरे पर कोलकाता पहुंचे। इस दौरान वह हजारों करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे और राणाघाट में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी राजनीतिक तनाव के बीच हो रहा है।
पीएम मोदी नदिया जिले में करीब 3200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि वह शनिवार दोपहर राणाघाट में भाजपा की रैली को संबोधित करेंगे और पश्चिम बंगाल के लोगों से संवाद को लेकर उत्साहित हैं।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इन परियोजनाओं के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर बराजगुली से कृष्णानगर तक 66.7 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क का उद्घाटन किया जाएगा। इसके अलावा, बारासात से बराजगुली खंड को चार लेन में अपग्रेड करने की परियोजना का भी शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं से कोलकाता और सिलीगुड़ी के बीच संपर्क और मजबूत होने की उम्मीद है।
दौरे से पहले पीएम मोदी ने तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ राज्य के लोगों को मिल रहा है, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के कथित कुप्रबंधन के कारण आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि राज्य में लूट और धमकी की राजनीति ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं और भाजपा ही लोगों की उम्मीद बनी हुई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बताया कि प्रधानमंत्री राणाघाट सबडिवीजन के ताहिरपुर स्थित नेताजी पार्क में रैली करेंगे। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी SIR को लेकर लोगों की आशंकाओं को दूर करेंगे और यह भरोसा दिलाएंगे कि मतदाता सूची से किसी भी शरणार्थी का नाम नहीं हटाया जाएगा।
गौरतलब है कि SIR प्रक्रिया को लेकर मतुआ समुदाय में चिंता का माहौल है। मतुआ समुदाय नदिया और आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में रहता है और राणाघाट को राज्य का प्रमुख मतुआ-बहुल इलाका माना जाता है।
भाजपा सूत्रों के अनुसार, हाल ही में दिल्ली में पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसदों के साथ हुई बैठक में SIR को लेकर मतुआ समुदाय में फैल रही आशंकाओं पर चर्चा हुई थी। सांसदों ने प्रधानमंत्री को संभावित चुनावी चुनौतियों से अवगत कराया, जिसके बाद पीएम मोदी ने राणाघाट रैली के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद करने का निर्णय लिया।



