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कानपुर पुलिस का बड़ा एक्शन: फर्जी मार्कशीट-डिग्री गिरोह का भंडाफोड़, 4 गिरफ्तार

  • ऋषभ कुमार

कानपुर नगर। शहर में शिक्षा के नाम पर चल रहे एक बड़े फर्जीवाड़े का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कमिश्नरेट पुलिस के विशेष अभियान के तहत थाना किदवई नगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन नामक कार्यालय पर छापेमारी कर फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करने वाले संगठित गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से बेरोजगार युवाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में असफल अभ्यर्थियों को निशाना बनाकर मोटी रकम के बदले नकली शैक्षणिक दस्तावेज तैयार कर रहा था। देश के कई हिस्सों में इस तरह के गिरोह युवाओं को नौकरी या प्रवेश दिलाने का झांसा देकर ₹80 हजार से ₹2 लाख तक वसूलते पाए गए हैं।

ऐसे हुआ खुलासा

किदवई नगर पुलिस को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में संचालित एक कार्यालय से संदिग्ध शैक्षणिक प्रमाणपत्र तैयार किए जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा, जहां से भारी मात्रा में संदिग्ध दस्तावेज, उपकरण और डिजिटल सामग्री बरामद हुई। मौके से चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।

आधुनिक तकनीक से चलता था फर्जीवाड़ा

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी इंटरनेट से विश्वविद्यालयों के फॉर्मेट डाउनलोड कर उन्हें एडिट कर असली जैसे दिखने वाले प्रमाणपत्र तैयार करते थे। ऐसे गिरोह अक्सर उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग, स्कैनिंग और डिजिटल एडिटिंग का उपयोग कर दस्तावेजों को विश्वसनीय बनाते हैं, जिससे आम लोगों को धोखा देना आसान हो जाता है।

युवाओं को बनाया जाता था निशाना

पुलिस सूत्रों के मुताबिक गिरोह खास तौर पर—

  • परीक्षा में फेल अभ्यर्थियों
  • नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं
  • उम्र सीमा पार कर चुके उम्मीदवारों

को टारगेट करता था और उन्हें “गारंटीड डॉक्यूमेंट” का लालच देता था।

पुलिस कर रही नेटवर्क की जांच

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह का नेटवर्क किन-किन जिलों और राज्यों तक फैला है तथा किन लोगों ने इन फर्जी प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल किया। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

पुलिस की अपील

कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों और छात्रों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या अवैध माध्यम से डिग्री/मार्कशीट बनवाने से बचें और ऐसे किसी भी गिरोह की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

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