फर्जी फर्म, कूटरचित दस्तावेज और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए चल रहे बड़े नेटवर्क का खुलासा, 68 खातों में 3000 करोड़ रुपये से अधिक लेनदेन की जांच जारी
- ऋषभ कुमार
कानपुर नगर। थाना चकेरी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी फर्म बनाकर लोगों को डराने-धमकाने एवं उनके दस्तावेजों के आधार पर कूटरचित रिकॉर्ड तैयार कर करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े में संलिप्त गिरोह के सरगना एवं इनामिया अभियुक्त महफूज अली उर्फ पप्पू छुरी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, फरवरी माह में हुई एक लूट की घटना में पीड़ित पक्ष द्वारा तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गहन जांच एवं सर्विलांस के आधार पर कार्रवाई की। इस दौरान गिरोह में शामिल 05 अभियुक्तों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जिनके कब्जे से लगभग ₹11,00,000 की बरामदगी भी की गई थी।
पुलिस पूछताछ में महफूज उर्फ पप्पू को इस पूरे नेटवर्क का मुख्य संचालक बताया गया है, जो भोले-भाले लोगों को लोन एवं बीमा दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाता था और उनका दुरुपयोग करता था। इसके अलावा इनके द्वारा फर्जी जीएसटी फर्मों का पंजीकरण कराकर आर्थिक धोखाधड़ी को अंजाम दिया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क से जुड़े 68 बैंक खातों में लगभग 3000 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं। इस पूरे रैकेट के तार पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल एवं उत्तर प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी मिली है, जिसकी गहन जांच जारी है। मामले में जीएसटी एवं आयकर विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि एपीएमसी प्रमाणपत्रों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध धन का ट्रांजेक्शन किया गया, जिसका संबंध स्लॉटर एवं स्क्रैप व्यवसाय से भी पाया गया है। पुलिस द्वारा पूरे प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है।


