जनसुनवाई, साइबर अपराध, यातायात प्रबंधन, एनडीपीएस मामलों और लंबित विवेचनाओं पर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में घटित विशेष कानून-व्यवस्था की घटनाओं एवं महत्वपूर्ण अपराधों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में कानून-व्यवस्था की वर्तमान स्थिति, अपराध नियंत्रण एवं विभिन्न अभियानों की प्रगति पर चर्चा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक के दौरान वामपंथी संगठनों, किसान संगठनों एवं जातीय संगठनों से संबंधित गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही यक्ष ऐप पर की जा रही कार्रवाई, मीडिया से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों के संबंध में पुलिस की प्रतिक्रिया तथा जनसुनवाई की स्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
बैठक में CCTNS के अंतर्गत 60 एवं 90 दिनों से लंबित विवेचनाओं, ई-साक्ष्य एवं ई-सम्मन की प्रगति, गिरफ्तारी के आधार एवं कारण (Grounds of Arrest and Reasons for Arrest), गुमशुदा एवं बरामद बच्चों से संबंधित मामलों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त ऑपरेशन दहन, एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-ई एवं 68-एफ के अंतर्गत की जा रही कार्रवाई, साइबर अपराध नियंत्रण, ‘जीरो फेटलिटी डिस्ट्रिक्ट’ अभियान तथा यातायात जाम को कम करने के लिए चलाए जा रहे Reducing Traffic Congestion (RTC) अभियान की भी समीक्षा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अनुपम कुलश्रेष्ठ ने कानपुर जोन के अंतर्गत आने वाले जनपदों द्वारा उपर्युक्त बिंदुओं पर की गई कार्रवाई एवं वर्तमान स्थिति से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। समीक्षा के उपरांत अधिकारियों को कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रखने, अपराध नियंत्रण को और प्रभावी बनाने तथा जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।


