विशेष गुरमत कीर्तन, कथा और छबील सेवा के माध्यम से संगत ने दी श्रद्धांजलि, गुरु साहिब के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
- निखिल गुप्ता
फतेहपुर। गुरु अर्जन देव के शहीदी दिवस पर गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्यमयी वातावरण के बीच विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने उपस्थित होकर गुरु साहिब को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
समागम के दौरान विशेष गुरमत कीर्तन एवं कथा का आयोजन किया गया। प्रमुख सिख विद्वान ज्ञानी प्रीतम सिंह ने गुरु अर्जन देव जी के महान जीवन, उनकी अद्वितीय शहादत तथा सिख इतिहास में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
ज्ञानी प्रीतम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि गुरु अर्जन देव जी की शहादत विश्व इतिहास में अद्वितीय है। उन्होंने ‘तेरा कीआ मीठा लागै’ के संदेश को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए अत्याचार और जुल्म के सामने कभी सिर नहीं झुकाया। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब ने मानवता, सत्य और धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया और पूरी दुनिया को साहस, धैर्य एवं समर्पण का संदेश दिया।

उन्होंने संगत को बताया कि गुरु अर्जन देव जी ने श्री आदि ग्रंथ साहिब के संपादन का महान कार्य किया और मानवता को आध्यात्मिक ज्ञान का अमूल्य खजाना प्रदान किया। साथ ही श्री हरिमंदिर साहिब की स्थापना के माध्यम से उन्होंने समानता, भाईचारे और मानव एकता का संदेश दिया।
शहीदी दिवस के अवसर पर गुरु साहिब की तपती तवी की शहादत को स्मरण करते हुए संगत के लिए ठंडे-मीठे जल की छबील भी लगाई गई। श्रद्धालुओं ने सेवा भाव से छबील का वितरण किया और गुरु साहिब की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
समागम के अंत में ज्ञानी प्रीतम सिंह ने संगत से शांति, सब्र, सेवा और नाम-सिमरन के मार्ग पर चलने की अपील की। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को सिख इतिहास और गुरु साहिब के आदर्शों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
यह कार्यक्रम प्रधान नरिंदर सिंह रिक्की एवं चरनजीत सिंह की अगुवाई में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जतिंदर पाल सिंह, परमजीत सिंह राजू, मनजीत सिंह, परविंदर सिंह सोनी, वरिंदर सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, इशर कौर, हरविंदर कौर, हरजीत कौर, मंजीत कौर, जसपाल कौर, हरमिंदर सिंह, गुरमीत सिंह, मनमीत सिंह, हर्षित सिंह, कंवलजीत सिंह, वीर सिंह, खुशी, आशी सहित बड़ी संख्या में संगत एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।


