
झांसी में विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में बोले डिप्टी सीएम, रानी लक्ष्मीबाई और चंद्रशेखर आज़ाद को दी श्रद्धांजलि, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को बताया जनआंदोलन
- रितिका शुक्ला
झांसी। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने झांसी दौरे के दौरान विकसित भारत संकल्प सम्मेलन, विकास प्रदर्शनी एवं प्राकृतिक खेती कार्यशाला में भाग लेते हुए बुंदेलखंड के विकास को लेकर बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और प्रदेश सरकार क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और वह दिन दूर नहीं जब बुंदेलखंड के हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार ‘हर घर नल जल’ योजना के माध्यम से घर-घर तक पेयजल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है, उसी प्रकार हर खेत तक पानी पहुंचाना भी सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के विकास की जो तस्वीर आज दिखाई दे रही है, वह केवल शुरुआत है, अभी विकास की पूरी तस्वीर सामने आना बाकी है।
कार्यक्रम के दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों को रेखांकित किया तथा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को सम्मानित करते हुए उन्हें प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इससे पूर्व उपमुख्यमंत्री ने झांसी में वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और अमर क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि झांसी की पावन भूमि देशभक्ति, शौर्य और बलिदान की अमर गाथाओं की साक्षी रही है। इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय नागरिकों से संवाद कर राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर भी चर्चा की।

उपमुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चल रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का भी समर्थन करते हुए इसे मातृ सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त जनआंदोलन बताया। उन्होंने नागरिकों से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान की भावना को भी मजबूत करता है। इस पहल के माध्यम से हरित, स्वच्छ और स्वस्थ भारत के निर्माण को नई गति मिल रही है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, किसानों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने सहभागिता की। विकास प्रदर्शनी में केंद्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया, जबकि प्राकृतिक खेती कार्यशाला में किसानों को आधुनिक एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।


