‘आर्ट एंड साइंस ऑफ साइंटिफिक राइटिंग फॉर कम्युनिटी साइंस’ विषय पर विद्यार्थियों को दिए गए शोध एवं लेखन के गुर
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए), कानपुर के सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय के विस्तार शिक्षा एवं संचार प्रबंधन विभाग द्वारा “आर्ट एंड साइंस ऑफ साइंटिफिक राइटिंग फॉर कम्युनिटी साइंस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. सीमा सोनकर के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता सिंह के प्रेरणादायी संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक लेखन के महत्व, गुणवत्तापूर्ण शोध प्रकाशन तथा अकादमिक लेखन की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए शोध कार्यों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला की मुख्य वक्ता पीएचडी शोधार्थी दीक्षा श्रीवास्तव ने वैज्ञानिक लेखन की कला, तकनीकों तथा शोध पत्र तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रभावी वैज्ञानिक लेखन, शोध पद्धति तथा प्रकाशन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
इस अवसर पर डॉ. संघमित्रा ने भी विद्यार्थियों को वर्तमान शोध परिदृश्य में वैज्ञानिक लेखन की आवश्यकता एवं प्रासंगिकता से अवगत कराया। उन्होंने शोध एवं लेखन गतिविधियों में नियमित सहभागिता के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
कार्यक्रम में विभाग की शिक्षिकाएं डॉ. संगीता गुप्ता, डॉ. जया वर्मा एवं डॉ. ऐश्वर्या सिंह भी उपस्थित रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए वैज्ञानिक लेखन कौशल विकसित करने तथा शोध गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी पर बल दिया।
कार्यशाला में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण, शोधार्थी तथा एमएससी एवं पीएचडी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने वैज्ञानिक पांडुलिपि लेखन, शोध तकनीकों तथा प्रभावी अकादमिक संचार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने ऐसे ज्ञानवर्धक एवं शोधोन्मुखी कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल देते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त किया।


