विशेषज्ञों ने पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने का दिया संदेश
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर भारतीय बाल रोग अकादमी, कानपुर द्वारा लीला हॉस्पिटल, केशवपुरम में स्तनपान जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भारत विकास परिषद (आजाद शाखा), नागेश्वर महिला मंडल एवं बचपन प्री-स्कूल के सहयोग से लगभग 50 माताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ लीला हॉस्पिटल के निदेशक संजय श्रीवास्तव एवं डॉ. शिवम श्रीवास्तव ने अतिथियों और विशेषज्ञों का स्वागत कर किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव स्वस्थ माताओं और शिशुओं पर आधारित है तथा स्तनपान इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
भारतीय बाल रोग अकादमी, कानपुर के अध्यक्ष डॉ. जे.के. गुप्ता ने कहा कि माँ का दूध शिशु का पहला टीका, पहला पोषण और पहला अधिकार है। उन्होंने जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने और पहले छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे शिशु को दस्त, निमोनिया, सेप्सिस, कुपोषण, एलर्जी सहित कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है। साथ ही माँ के दूध में मौजूद प्राकृतिक प्रतिरक्षी तत्व शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और उसके शारीरिक एवं मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलू श्रीवास्तव ने “Breastfeeding – A Gift for Mother’s Health” विषय पर व्याख्यान देते हुए बताया कि स्तनपान केवल शिशु ही नहीं, बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इससे प्रसव के बाद गर्भाशय शीघ्र सामान्य स्थिति में लौटता है, प्रसवोत्तर रक्तस्राव कम होता है तथा स्तन एवं डिम्बग्रंथि (ओवरी) के कैंसर, टाइप-2 मधुमेह और मोटापे का खतरा भी घटता है। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान ही स्तनपान की तैयारी और परिवार के सहयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
संगोष्ठी के दौरान माताओं ने विशेषज्ञों से स्तनपान से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए और संकल्प लिया कि वे अपने शिशुओं को पहले छह माह तक केवल माँ का दूध ही देंगी तथा अन्य माताओं को भी इसके लिए प्रेरित करेंगी।
कार्यक्रम के समापन पर भारतीय बाल रोग अकादमी, कानपुर ने समाज से आह्वान किया कि “हर माँ का संकल्प – हर शिशु को पहले छह माह तक केवल माँ का दूध” को जन-आंदोलन बनाया जाए, ताकि प्रत्येक शिशु को स्वस्थ, सुरक्षित और सशक्त जीवन की शुरुआत मिल सके।


