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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने 60 क्षय रोगियों को लिया गोद, पौष्टिक सामग्री देकर टीबी मुक्त भारत का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत हुआ आयोजन, कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का किया आह्वान

  • पूजा परिहार

झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी एवं समाज कार्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों द्वारा 60 क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पौष्टिक सामग्री उपलब्ध कराई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने की। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निर्वहन करना चाहिए। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से क्षय रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने और प्रभावित मरीजों को सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता है, ताकि टीबी के खिलाफ प्रभावी ढंग से कार्य किया जा सके।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव ज्ञानेंद्र शुक्ला, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह तथा परीक्षा नियंत्रक राजबहादुर ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने क्षय रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक सहयोग को महत्वपूर्ण बताया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो. मुन्ना तिवारी, डॉ. शंभूनाथ, डॉ. अनुपम व्यास, डॉ. शिल्पा मिश्रा, डॉ. अमिता कुशवाह, डॉ. सतेन्द्र सिंह, डॉ. राजीव बबेले और डॉ. संतोष पांडेय सहित अन्य शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में अनिल बौहरे, निजी सचिव, कुलपति, अतुल खरे, विवेक अग्रवाल, भूपेंद्र मिश्रा, साबिर, रुपेश कुमार नामदेव, जिला कार्यक्रम समन्वयक, गुंजा चतुर्वेदी, सुनील तिवारी, फार्मासिस्ट, आशीष अग्रवाल, जिला पीपीएम समन्वयक, नितिन श्रीवास्तव, अनूप, रवि श्रीवास्तव, अजय कुशवाहा और नरेंद्र राजपूत समेत समाज कार्य विभाग के छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. नेहा मिश्रा, टीबी अभियान नोडल अधिकारी, ने किया, जबकि डॉ. यतीन्द्रा मिश्र ने आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के माध्यम से क्षय रोगियों को पोषण संबंधी सहयोग उपलब्ध कराने के साथ समाज में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने और रोगियों के प्रति संवेदनशीलता एवं सामाजिक सहभागिता का संदेश दिया गया।

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