
कामकाज ठप कर हड़ताल पर रहे अधिवक्ता, न्यायपालिका और उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए सैकड़ों वकीलों ने किया प्रदर्शन
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ताओं ने हड़ताल कर न्यायिक कार्य से दूरी बनाए रखी। इस दौरान कानपुर कचहरी परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर मानव श्रृंखला बनाई और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि कुछ दिन पहले आयोजित प्रांतीय सम्मेलन के दौरान उनके संगठन की ओर से सरकार के समक्ष 15 सूत्रीय मांगें रखी गई थीं। अधिवक्ताओं के मुताबिक, इन मांगों को अब तक पूरा नहीं किया गया है, जिसके विरोध में उन्होंने हड़ताल का आह्वान किया।
हड़ताल के दौरान अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए कचहरी परिसर में मानव श्रृंखला बनाई। इस दौरान बड़ी संख्या में वकील एक साथ नजर आए और उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता का प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि मानव श्रृंखला बनाने का उद्देश्य अपनी मांगों की ओर न्यायपालिका और उत्तर प्रदेश सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। उनका कहना है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें विरोध का रास्ता अपनाना पड़ा है।
प्रदर्शन में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए और एकजुट होकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी 15 सूत्रीय मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन के अगले चरण को लेकर संगठन स्तर पर निर्णय लिया जा सकता है।
कानपुर कचहरी में मानव श्रृंखला और हड़ताल के चलते अधिवक्ताओं के बीच दिनभर आंदोलन को लेकर चर्चा बनी रही।


