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48 लाख की साइबर ठगी में डिजिटल अरेस्ट गिरोह के 3 सदस्य गिरफ्तार

ED और CBI अधिकारी बनकर वरिष्ठ चिकित्सक को बनाया निशाना, देशभर में 4 साइबर अपराध शिकायतों में करीब 1.42 करोड़ रुपये की ठगी का सामने आया विवरण

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। कानपुर में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को ED और CBI अधिकारी बताकर लोगों को जांच और गिरफ्तारी का भय दिखाते थे और इसके बाद उनसे रकम ट्रांसफर कराते थे।

पुलिस के अनुसार, गिरोह ने एक वरिष्ठ चिकित्सक को जांच और गिरफ्तारी का डर दिखाकर कथित तौर पर करीब 48 लाख रुपये की ठगी की। मामले की जांच आगे बढ़ने पर फर्जी फर्मों और बैंक खातों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में रकम ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई।

जांच के दौरान विभिन्न राज्यों में दर्ज चार साइबर अपराध शिकायतों में करीब 1.42 करोड़ रुपये की ठगी का विवरण भी सामने आया है। पुलिस अब इन मामलों के बीच आपसी संबंध और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, इन मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिनका विश्लेषण कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की जांच में फर्जी फर्म और बैंक खातों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। इन्हीं खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग स्थानों पर ट्रांसफर किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है।

मामले में पुलिस ने एक अन्य आरोपी को वांछित किया है। उसकी तलाश के साथ-साथ ठगी की रकम से जुड़े अन्य बैंक खातों और संभावित आरोपियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली साइबर ठगी में अपराधी पुलिस, ED, CBI या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल अथवा फोन के माध्यम से डराते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी से बचाने या जांच पूरी होने तक रकम सुरक्षित खाते में जमा कराने के नाम पर पैसे ट्रांसफर कराए जाते हैं।

कानपुर पुलिस की कार्रवाई के बाद अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और बरामद मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है। पुलिस अन्य राज्यों में सामने आए साइबर अपराधों से भी आरोपियों के कनेक्शन की जांच कर रही है।

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