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एशियाई खेलों में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने रचा इतिहास, दक्षिण कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण

भारत ने पहली बार महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में हासिल किया स्वर्ण, कुमकुम और धीरज बोम्मादेवरा की जोड़ी ने मिश्रित स्पर्धा में जीता रजत

समय टुडे डेस्क। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए एशियाई खेलों में इतिहास रच दिया। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड़ की भारतीय टीम ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर महिला रिकर्व टीम स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

भारतीय टीम ने तेज हवाओं के बीच दबाव का सामना करते हुए धैर्य बनाए रखा और मौजूदा चैंपियन दक्षिण कोरिया को मात दी। यह एशियाई खेलों में महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत का पहला स्वर्ण पदक है।

मिश्रित रिकर्व में भारत को रजत

स्वर्ण पदक जीतने के बाद कुमकुम मोहोड़ ने धीरज बोम्मादेवरा के साथ मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक हासिल किया। फाइनल में भारत को चीन की जोड़ी के खिलाफ 3-5 से हार का सामना करना पड़ा।

फाइनल का स्कोर 34-38, 35-37, 37-36 और 37-37 रहा। पूरे दिन शानदार प्रदर्शन करने वाली कुमकुम फाइनल में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब नहीं पहुंच सकीं। उन्होंने एक बार 10 अंक हासिल किए, जबकि कई बार आठ और एक बार सात अंक पर रहीं।

वहीं चीन की मेंगकी ली ने पांच बार 10 अंक हासिल किए और अपनी टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

दक्षिण कोरिया के खिलाफ रोमांचक मुकाबला

महिला रिकर्व टीम के फाइनल में शुरुआती दोनों सेट बेहद करीबी रहे। दोनों सेट क्रमशः 54-54 और 56-56 की बराबरी पर समाप्त हुए।

तीसरे सेट में दक्षिण कोरियाई टीम दबाव में नजर आई। उसके तीरंदाजों ने लगातार तीन बार आठ अंक हासिल किए और टीम कुल 52 अंक ही जुटा सकी। भारतीय टीम ने मौके का फायदा उठाते हुए 55 अंक हासिल किए और सेट अपने नाम कर 4-2 की बढ़त बना ली।

चौथे सेट में दक्षिण कोरिया ने 54 अंक बनाए। भारत की ओर से कीर्ति शर्मा के शुरुआती तीर को आठ अंक दिया गया था, लेकिन समीक्षा के बाद उसे नौ अंक माना गया। इसके चलते भारत का स्कोर भी 54 हो गया।

चौथे सेट में बराबरी के बावजूद भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया और दक्षिण कोरिया को हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीत लिया।

सेमीफाइनल में चीन को दी थी मात

फाइनल से पहले भारतीय महिला रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराकर पहली बार एशियाई खेलों की महिला रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई थी।

भारतीय टीम के इस प्रदर्शन को लगातार बेहतर होते प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले मई में शंघाई में भारतीय महिला रिकर्व टीम ने पांच साल के इंतजार को खत्म करते हुए विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था। उस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में भी भारत ने दक्षिण कोरिया को हराया था।

शंघाई में स्वर्ण जीतने वाली टीम के अधिकांश सदस्य इस बार भी भारतीय टीम का हिस्सा रहे। हालांकि पूर्व विश्व नंबर एक दीपिका कुमारी की जगह कीर्ति शर्मा को टीम में शामिल किया गया। दीपिका चयन ट्रायल के जरिए एशियाई खेलों के लिए क्वालीफाई नहीं कर सकी थीं।

मिश्रित स्पर्धा में जापान को हराकर फाइनल में पहुंची जोड़ी

कुमकुम मोहोड़ और धीरज बोम्मादेवरा ने मिश्रित रिकर्व स्पर्धा के सेमीफाइनल में जापान को 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

भारतीय जोड़ी ने धीमी शुरुआत की और पहला सेट 37-38 से गंवा दिया। इसके बाद दूसरे सेट में वापसी करते हुए भारत ने बराबरी हासिल की। तीसरे सेट में जीत के बाद स्कोर 3-3 हो गया।

चौथे सेट में जापानी टीम की ओर से सात अंक का एक कमजोर निशाना भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ। धीरज और कुमकुम ने चौथा सेट 37-35 से जीतकर मिश्रित रिकर्व टीम स्पर्धा के फाइनल में पहली बार भारत की जगह सुनिश्चित की।

तीरंदाजी में भारत का चौथा स्वर्ण

महिला रिकर्व टीम का यह स्वर्ण एशियाई खेलों में भारत का तीरंदाजी में चौथा स्वर्ण पदक है। इससे पहले पुरुष कंपाउंड, महिला कंपाउंड और मिश्रित कंपाउंड टीम स्पर्धाओं में भी भारत स्वर्ण पदक जीत चुका है।

भारतीय महिला रिकर्व टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था। इस बार टीम ने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया और एशियाई खेलों में नई उपलब्धि दर्ज की।

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