मुरली मनोहर मंदिर से शुरू हुई यात्रा का उन्नाव गेट स्थित माँ मरघट काली मंदिर पर हुआ समापन, 300 से 400 श्रद्धालुओं ने की सहभागिता
- पूजा परिहार
झांसी। माँ मरघट काली की भव्य चुनरी यात्रा श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ निकाली गई। यात्रा में करीब 300 से 400 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस दौरान माता रानी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और मार्ग पर जगह-जगह आस्था का माहौल देखने को मिला।
चुनरी यात्रा का शुभारंभ मुरली मनोहर मंदिर से हुआ। इसके बाद यात्रा बड़ा बाजार, मालिनों का चौराहा और गांधी घर का टपरा होते हुए उन्नाव गेट स्थित मुक्तिधाम के गेट नंबर एक के पास माँ मरघट काली मंदिर परिसर पहुंची, जहां विधिवत रूप से यात्रा का समापन किया गया। श्रद्धालु अपने हाथों में चुनरी लेकर यात्रा में शामिल हुए और मंदिर पहुंचकर माता रानी के चरणों में चुनरी अर्पित की। इस दौरान सभी ने परिवार की सुख-समृद्धि, क्षेत्र की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
आयोजन की जिम्मेदारी अभिषेक बुंदेला और नितिन महोबिया ने संभाली। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्तों ने पूरे रास्ते माता रानी के जयकारे लगाए और धार्मिक आस्था के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
इस अवसर पर डॉ. संदीप सरावगी ने कहा कि माँ मरघट काली की चुनरी यात्रा श्रद्धा, आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को जनकल्याण एवं सेवा कार्यों के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए माता रानी से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।
कार्यक्रम में मरघट काली कमेटी के अध्यक्ष रजत हजारिया, एडवोकेट अभिषेक कनोजिया, सिद्धार्थ गौतम, तन्मय तिवारी और अंकुर अग्रवाल सहित मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने धार्मिक आयोजन में भाग लेकर माँ मरघट काली के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।


