
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की समीक्षा बैठक, फैजुल्लागंज में शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के भी निर्देश
- अनुराधा सिंह
लखनऊ। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में गोमती नदी के आसपास के निचले इलाकों, विशेषकर फैजुल्लागंज में जलभराव की समस्या, प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत बनाने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं बेहतर करने पर जोर दिया गया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि आईआईएम रोड से पक्कापुल (हार्डिंग ब्रिज) तक गोमती नदी के बाएं तट पर लगभग 5.5 किलोमीटर लंबे तटबंध का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा नदी का जलस्तर बढ़ने पर नालों से पानी की निकासी बाधित होने की समस्या दूर करने के लिए 12 नए पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। न्याय विहार से एल्डिको ड्रेन तक जल निकासी का विस्तृत नेटवर्क भी तैयार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव से प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने में कोई कमी न रहे। प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, चिकित्सा, साफ-सफाई और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था लगातार बनाए रखी जाए। उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर उस पर काम करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने जलभराव के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की तत्काल मरम्मत और सुदृढ़ीकरण कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों के साथ जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में अत्यधिक वर्षा या गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने पर लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
फैजुल्लागंज में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के नए समन्वित शैक्षणिक संस्थान की स्थापना जल्द करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा उपलब्ध कराना है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए जलभराव प्रभावित क्षेत्र के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के रूप में उच्चीकृत करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 33 केवीए के स्थान पर 132 केवीए का नया सब-स्टेशन स्थापित करने की योजना पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोमती नदी लखनऊ की आत्मा है और इसके अविरल एवं निर्मल प्रवाह को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि तटबंध निर्माण, पंपिंग स्टेशन और नालों की जल निकासी व्यवस्था को एकीकृत योजना के तहत विकसित किया जाए, ताकि नदी का जलस्तर बढ़ने या अत्यधिक बारिश होने की स्थिति में बस्तियों में पानी जमा न हो।
लखनऊ के बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग अभियान चलाया जा रहा है। उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, एंटी-लार्वा छिड़काव के लिए 11 ड्रोन, 172 बैकपैक मशीन, पांच स्वीपिंग मशीन और आठ ट्रैक्टर टैंकरों का उपयोग किया जा रहा है।
मच्छरों से बचाव के लिए 11 टाटा एस माउंटेड मशीनों और 23 हैंड-हेल्ड मशीनों के माध्यम से फॉगिंग कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 75 वाटर टैंकर, 36 मोबाइल शौचालय, 179 प्रकाश बिंदु और 135 मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट की व्यवस्था भी की गई है।
शिकायतों के निस्तारण के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। नागरिक अपनी शिकायतों के लिए टोल फ्री नंबर 1077 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त प्रभावित क्षेत्रों में छह कंट्रोल प्वाइंट भी संचालित किए जा रहे हैं।
बैठक में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। प्रस्तावित तटबंध, पंपिंग स्टेशन और जल निकासी नेटवर्क के माध्यम से भविष्य में बारिश तथा गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से होने वाली परेशानियों को कम करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।


