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CM योगी आदित्यनाथ से पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने की भेंट

निरंजनी अखाड़े के पीठाधीश्वर और महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी महाराज मंगलवार को सीएम योगी से मिले और धार्मिक और सामाजिक कई विषयों पर बात की। महाकुंभ के दौरान कैलाशानंद गिरी महाराज एप्पल के फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी और अपनी शिष्य लॉरेन पावेल को लेकर काफी सुर्खियों में रहे थे।

अनुराधा सिंह

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर श्री निरंजन पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज से आत्मीय भेंट की। इस दौरान धर्म, संस्कृति और समाज कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संत परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रदेश में धार्मिक एवं आध्यात्मिक विकास को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता जताई।

कौन हैं स्वामी कैलाशानंद गिरी
स्वामी कैलाशानंद को 2021 में निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर आसीन किया गया था. कैलाशानंद गिरी का जन्म 1 जनवरी 1976 को बिहार के जमुई जिले के एक छोटे से गांव में हुआ था. बचपन से ही उनकी आध्यत्म में रूचि थी और उन्हें एकांतवास पसंद था. घरबार छोड़कर संतों की संगति में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग आश्रमों में वेद, पुराण, योग और उपनिषद का ज्ञान प्राप्त किया। अग्नि अखाड़े के वर्तमान अध्यक्ष, पूज्य बापू गोपालानंद ब्रह्मचारी ने कैलाश नंद ब्रह्मचारी को अपना शिष्य बनाया था और उन्हें अग्नि अखाड़े का सचिव बनाया था. कैलाशानंद ब्रह्मचारी के नेतृत्व में, अग्नि अखाड़े ने कई कुंभ में भाग लिया।

2018 में, अग्नि अखाड़े के प्रमुख श्री गोपालानंद के निधन के बाद सभी आश्रमों की जिम्मेदारी कैलाशानंद स्वामी को सौंप दी गई. सावन और नवरात्रों के दिनों में स्वामी कैलाशानंद गिरि पूरे महीने विशेष पूजा अर्चना करते हैं, जिसमें लगभग एक ही आसन में बैठकर वे 22 से 24 घंटे तक कठिन तप करते हैं।

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