HomeNEWSअंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में अहमदाबाद की मीरा ठक्कर ने मारी बाजी,...

अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता में अहमदाबाद की मीरा ठक्कर ने मारी बाजी, ₹25 हजार से सम्मानित

राष्ट्रीय डाक सप्ताह के ‘फन विद फिलेटली दिवस’ पर पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया सम्मानित, डिजिटल युग में पत्र लेखन और डाक टिकट संग्रह के महत्व पर दिया जोर

  • सरिता सिंह

अहमदाबाद। राष्ट्रीय डाक सप्ताह-2026 के अंतर्गत 12 अक्टूबर को अहमदाबाद में ‘फन विद फिलेटली दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (यूपीयू) की अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता-2026 में गुजरात परिमंडल में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली महाराजा अग्रसेन विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा मीरा पी. ठक्कर को सम्मानित किया गया। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने छात्रा को 25 हजार रुपये का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

‘डिजिटल दुनिया में मानवीय जुड़ाव क्यों मायने रखता है’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में गुजरात परिमंडल के विभिन्न विद्यालयों के कुल 1,796 विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में अहमदाबाद की मीरा पी. ठक्कर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, वडोदरा स्थित भारतीय विद्या भवन्स वी. एम. पब्लिक स्कूल की छात्रा केशवी डी. जोशी दूसरे और पाटन स्थित सरियद कुमार प्राथमिक विद्यालय के छात्र दीक्षित टी. रबारी तीसरे स्थान पर रहे। सम्मान समारोह में मीरा के पिता डॉ. पार्थिव कनुभाई ठक्कर और माता डॉ. मित्तल पार्थिव ठक्कर भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डाक टिकट किसी भी राष्ट्र की सभ्यता, संस्कृति और विरासत के महत्वपूर्ण संवाहक होते हैं। पत्र लेखन भावनाओं को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच युवा पीढ़ी को फिलेटली यानी डाक टिकट संग्रह और पत्र लेखन जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। इससे बच्चों में रचनात्मकता विकसित होने के साथ इतिहास, कला और संस्कृति के प्रति रुचि भी बढ़ती है।

कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि डिजिटल युग में भी पत्रों का महत्व कम नहीं हुआ है। पत्रों के माध्यम से आत्मीयता, भावनाओं और व्यक्तिगत जुड़ाव को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया जा सकता है। उन्होंने फिलेटली को ‘किंग ऑफ हॉबी और हॉबी ऑफ किंग्स’ बताते हुए कहा कि डाक टिकट संग्रह के जरिए विद्यार्थी देश-दुनिया की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को रोचक ढंग से जान सकते हैं।

उन्होंने बताया कि डाक विभाग फिलेटली और पत्र लेखन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं एवं प्रतियोगिताएं संचालित करता है। इनमें डाक टिकट प्रदर्शनियां, फिलेटली जमा खाता, माई स्टाम्प, दीनदयाल स्पर्श छात्रवृत्ति योजना, ‘ढाई आखर’ पत्र लेखन प्रतियोगिता और यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन की अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रह और रचनात्मक लेखन के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है।

प्रवर डाक अधीक्षक शिशिर कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय डाक सप्ताह-2026 के तहत अहमदाबाद सिटी डिवीजन की ओर से सिंधु भवन स्थित किताबी आंगन कैफे में ‘डिजिटल डिटॉक्स–पत्रों के माध्यम से फिर से जुड़ें’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पत्र लेखन के जरिए लोगों के बीच संवाद और आत्मीयता को बढ़ावा देना तथा भारतीय डाक की विरासत के प्रति जागरूकता पैदा करना था।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण प्रवर डाक अधीक्षक शिशिर कुमार ने दिया, जबकि सहायक निदेशक अल्पेश शाह ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन अभिषेक पीठडिया ने किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक रितुल गांधी, सहायक अधीक्षक बिरंग शाह, रोनक शाह, डाक निरीक्षक भाविन प्रजापति, पायल पटेल, आदित्य देसाई सहित डाक विभाग के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments