झांसी में आईआईएमए की चिकित्सा संगोष्ठी सम्पन्न, शासन के आदेश पर जताई खुशी

- पूजा परिहार
झांसी। इण्डियन इंटीग्रेटिड मेडिकल एसोसिएशन (आईआईएमए) झांसी इकाई द्वारा डॉ. देवेन्द्र पटसारिया की अध्यक्षता में चिकित्सा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 17 फरवरी 2026 को आयुर्वेद सेवाएं, लखनऊ के निदेशक डॉ. नारायण दास द्वारा जारी आदेश पर खुशी व्यक्त करते हुए चिकित्सकों ने केक काटकर उत्सव मनाया और उत्तर प्रदेश शासन का आभार जताया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ उपाध्यक्ष डॉ. नीलम आनन्द, सचिव डॉ. देवेश मनोचा, कोषाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र सोनी, मुख्य वक्ता डॉ. अर्पित कुमार एवं डॉ. संजय मोदी ने संयुक्त रूप से भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
इसके बाद डॉ. विक्रम आनन्द ने उपस्थित चिकित्सकों को 17 फरवरी 2026 के आदेश की प्रति वितरित करते हुए जानकारी दी कि आईआईएमए उत्तर प्रदेश के चिकित्सकों के सतत प्रयास, पत्राचार और प्रदर्शन के फलस्वरूप यह निर्णय संभव हो सका। उन्होंने बताया कि प्रदेश सचिव श्री रंजन कुमार द्वारा 14 नवम्बर 2024 को जारी आदेश को संज्ञान में लेते हुए निदेशक, आयुर्वेद सेवाएं, लखनऊ ने प्रदेश के सभी क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारियों को चिकित्सा प्रतिष्ठानों/क्लीनिकों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण पांच वर्ष के लिए करने के निर्देश जारी किए हैं। इस निर्णय पर शाखा के चिकित्सकों ने एक-दूसरे को केक खिलाकर खुशी जाहिर की।

संगोष्ठी में मुख्य वक्ता वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अर्पित कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में जंक फूड और स्ट्रीट फूड का प्रचलन तेजी से बढ़ा है, जबकि योग और व्यायाम की प्रवृत्ति कम हुई है। इसके कारण पाइल्स (बवासीर) जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने बवासीर के लक्षण, पहचान, आयुर्वेदिक उपचार तथा बीमारी की विभिन्न अवस्थाओं में सर्जरी की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही गर्भवती महिलाओं में पाइल्स होने की संभावना और उससे बचाव के उपाय भी बताए।
कार्यक्रम में पूर्व अध्यक्ष व संरक्षक डॉ. बी.एस. साहू, डॉ. विवेक वर्मा, डॉ. सुरेश कुमार गुप्ता, डॉ. सुनयना उपाध्याय, डॉ. राखी सेठ, डॉ. रश्मि बघेल, डॉ. रजनी अग्रवाल, डॉ. रीमा सोनकियां, डॉ. बृजेश गुप्ता, डॉ. हितेंद्र मनकेले, डॉ. विवेक अग्रवाल, डॉ. हरिकांत रायकवार, डॉ. केदार सेठ, डॉ. अभिषेक सहित अनेक चिकित्सक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरज अग्रवाल ने किया, जबकि डॉ. विनय मिश्रा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।



