HomeNEWSएसएन सेन कॉलेज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता कार्यशाला आयोजित

एसएन सेन कॉलेज में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता कार्यशाला आयोजित

इनर व्हील क्लब ऑफ कानपुर (मेन) के सहयोग से हुआ आयोजन, विशेषज्ञों ने छात्राओं को नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों की दी जानकारी

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। एसएन सेन बीवीपीजी कॉलेज, कानपुर के शिक्षाशास्त्र विभाग की ओर से इनर व्हील क्लब ऑफ कानपुर (मेन) के सहयोग से ‘ड्रग एडिक्शन एवं सबस्टेंस एब्यूज’ यानी नशे की लत और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों पर जागरूकता एवं शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का संचालन प्रो. प्रीति पांडे ने किया।

कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ. अंचला सिंह ने छात्राओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशीले पदार्थों का अत्यधिक सेवन किडनी, हृदय और मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसके कारण व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और व्यवहारिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। साथ ही उसकी सोचने-समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

डॉ. अंचला सिंह ने नशे से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए डिप्रेशन, कैफीन, हेल्यूसिनोजेन्स, एलएसडी और डोपामिन जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशे की लत से जुड़े भ्रम को दूर करना और शुरुआती स्तर पर ही इसके सेवन को रोकने के लिए जागरूकता फैलाना जरूरी है। युवाओं को नशे से दूर रहने और किसी भी प्रकार की लत की स्थिति में समय रहते सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. रोचना विश्नोई ने नई पीढ़ी को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के उपाय बताए। उन्होंने स्वस्थ आदतों, जागरूकता और सकारात्मक जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डाला।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुमन की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला के दौरान छात्राओं को सैनिटरी पैड भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में संगीत विभाग के प्रो. हरीश झा के निर्देशन में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया गया।

इस अवसर पर कला प्रभारी डॉ. प्रीति सिंह, संकाय अध्यक्ष प्रो. निशि प्रकाश, प्रो. रेखा चौबे, प्रो. निशा वर्मा, प्रो. कैप्टन ममता अग्रवाल, मीनाक्षी व्यास, डॉ. रेनू कुरील, श्रीमती किरन, डॉ. रचना निगम, डॉ. शुभा बाजपेयी, डॉ. कोमल सरोज, डॉ. रोली मिश्रा, डॉ. संगीता सिंह, डॉ. पूजा गुप्ता, डॉ. अनामिका और डॉ. रेशमा सहित अन्य शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में महाविद्यालय के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यशाला में महाविद्यालय के सभी संकायों की छात्राओं ने भाग लिया। आयोजन के माध्यम से छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ और सुरक्षित जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।

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