
शोभायात्रा में दिखी बुंदेली संस्कृति की झलक, डीएम गजल भारद्वाज और एसपी शशांक सिंह समेत जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
- मोहित कुमार
महोबा। वीरभूमि महोबा में ऐतिहासिक कजली मेला-2026 का शुभारंभ 29 अगस्त को पारंपरिक शोभायात्रा के साथ भव्य रूप से हुआ। शोभायात्रा शहर के हवेली दरवाजा से प्रारंभ होकर कीरत सागर तट पर पहुंचकर संपन्न हुई। इस दौरान महोबा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाली विभिन्न झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहीं। पारंपरिक कजली का ढोला भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
मेले के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री एवं राज्यमंत्री श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार मनोहर लाल उर्फ मुन्नू कोरी, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा, जिलाधिकारी गजल भारद्वाज और पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की मौजूदगी रही। अतिथियों ने फीता काटकर मेले का शुभारंभ किया।
शोभायात्रा में हाथी, घोड़े और महापुरुषों से जुड़ी झांकियां भी शामिल रहीं। पूरे मार्ग पर लोगों ने उत्साह के साथ शोभायात्रा का स्वागत किया। आयोजन के माध्यम से महोबा की वीरता, इतिहास और बुंदेली संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। मेले से पहले एसपी शशांक सिंह ने कीरत सागर स्थित कार्यक्रम स्थल, मेला परिसर, शोभायात्रा मार्ग और संबंधित पुलिस चौकियों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था।

सात दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कलाकारों के साथ बाहर से आने वाले कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा विभिन्न प्रदर्शनियों, सम्मेलनों एवं गोष्ठियों का आयोजन भी किया जाएगा। उपलब्ध कार्यक्रम जानकारी के अनुसार महोत्सव 29 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कजली मेला महोबा की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस वर्ष भी मेले के माध्यम से स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


