कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कानपुर में शुरू की नई ‘ईएलआई योजना’, रोजगार सृजन और सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा

- दिव्या पाण्डेय
कानपुर नगर। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने आज औद्योगिक संगठनों के सहयोग से केंद्र सरकार की नई Employment Linked Incentive (ELI) Scheme का कानपुर में शुभारंभ किया। इस अवसर पर फीटा, पीआईए, लघु उद्योग भारती समेत कई औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन भविष्य निधि आयुक्त कुमार अभिषेक ने किया। उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को योजना का विस्तृत विवरण दिया।
फीटा उद्योग संघ के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि यह पहली बार है जब भविष्य निधि विभाग ने नियोक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने वाली योजना लागू की है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, कर्मचारी को ₹15,000 तक का आर्थिक लाभ मिलेगा और वह लंबे समय तक एक ही उद्योग में कार्यरत रहेगा। इससे राष्ट्रीय उत्पादकता सूचकांक (National Productivity Index) में वृद्धि होगी।
यू.पी. इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष शिव कुमार गुप्ता ने कहा कि यह योजना कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती के सचिव अंकुर अश्ववानी, पीआईए से मनोज बंका, बृजेश अवस्थी, नॉर्दर्न इंडिया होजरी मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन से बलराम नरूला और प्रमोद सुराना सहित कई उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ईएलआई योजना की मुख्य विशेषताएं:
- पहली बार काम करने वालों के लिए प्रोत्साहन:
पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को ₹15,000 तक का वेतन दो किस्तों में मिलेगा — पहली किस्त छह महीने बाद और दूसरी बारह महीने बाद। - नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन:
नियोक्ताओं को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए दो साल तक ₹3,000 प्रतिमाह तक का प्रोत्साहन मिलेगा। विनिर्माण क्षेत्र के लिए यह लाभ चार वर्ष तक बढ़ाया गया है। - वित्तीय प्रावधान:
सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। दो वर्षों में 3.5 करोड़ नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है। - लाभार्थी संख्या:
योजना से लगभग 1.92 करोड़ पहली बार काम करने वाले कर्मचारी और 2.6 करोड़ अतिरिक्त रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। - भुगतान प्रणाली:
सभी भुगतान आधार ब्रिज भुगतान प्रणाली (ABPS) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) द्वारा किए जाएंगे।
सरकार का कहना है कि ईएलआई योजना से न केवल युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि देश के कार्यबल का औपचारिककरण और सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार भी होगा।



