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कानपुर में ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत किसानों को किया जागरूक, टिकाऊ खेती पर दिया जोर

कृषि विज्ञान केंद्र दिलीप नगर के वैज्ञानिकों ने संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती की दी जानकारी

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कानपुर के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), दिलीप नगर के वैज्ञानिकों ने ‘खेत बचाओ अभियान’ के तहत ग्राम अनूपपुर, विकासखंड मैथा में किसानों को जागरूक किया। 30 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति प्रोत्साहित करना तथा मृदा स्वास्थ्य और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

मृदा वैज्ञानिक डॉ. खलील खान ने बताया कि अभियान के अंतर्गत संतुलित उर्वरक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य में सुधार, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर खेती की उत्पादकता बनाए रखने के साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण भी किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. दीपक मिश्रा एवं डॉ. निमिषा अवस्थी ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण और प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर तकनीकी जानकारी दी। इसके साथ ही मत्स्य संसाधन प्रबंधन एवं जलीय कृषि से संबंधित उपयोगी जानकारियां भी साझा की गईं।

वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, प्रशिक्षण के माध्यम से अपनी क्षमता विकसित करने तथा उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मृदा की उर्वरता बनाए रखने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के महत्व पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि को किसानों की आय बढ़ाने के वैकल्पिक साधनों के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इन गतिविधियों का उद्देश्य खेती के साथ आय के अन्य स्रोतों को प्रोत्साहित करना और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना है।

इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रशांत कुशवाहा, परमेश कमल सहित क्षेत्र के प्रगतिशील किसान एवं महिला किसान उपस्थित रहे। अभियान के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक कर टिकाऊ खेती और बेहतर आजीविका की दिशा में प्रेरित किया गया।

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