डेंगू प्रभावित गांव पहुंची जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम, मेस्टन रोड, बिरहाना रोड और चटाई मोहाल समेत कई इलाकों में लार्वानाशक का छिड़काव
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। जिले में डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत निरोधात्मक और नियंत्रणात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरसौल के अंतर्गत आने वाले ग्राम पाली में डेंगू के मामले सामने आने के बाद जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाकर 69 बुखार पीड़ितों की जांच की गई। सभी मरीजों के ब्लड सैंपल लेकर डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड की जांच कराई गई। जांच में राहत की बात यह रही कि किसी भी मरीज में मलेरिया की पुष्टि नहीं हुई।
वेक्टर बॉर्न डिजीज के नोडल अधिकारी राजेश्वर सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह और मलेरिया निरीक्षक आयुषी द्विवेदी ने पाली गांव पहुंचकर वाहक जनित रोगों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियान का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें लार्वारोधी रसायनों का छिड़काव करने के साथ ही मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने की कार्रवाई करती मिलीं।
गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में पहुंचे 69 बुखार पीड़ितों का चिकित्सकीय परीक्षण किया गया और सभी के रक्त के नमूने लेकर डेंगू, मलेरिया एवं टाइफाइड की जांच कराई गई। मरीजों को आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी परामर्श भी दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को साफ-सफाई रखने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए जागरूक किया।
पाली गांव के अलावा शहर के मेस्टन रोड, बिरहाना रोड, चटाई मोहाल और कर्मचारी नगर सहित डेंगू प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भी निरोधात्मक कार्रवाई की गई। इन इलाकों में एंटोमोलॉजिकल सर्वेक्षण कराया गया तथा जलभराव वाले स्थानों की जांच की गई। जहां भी पानी जमा मिला, वहां लार्वानाशक दवाओं का छिड़काव कराया गया, ताकि मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाई जा सके।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में लार्वा विनिष्टीकरण और फॉगिंग अभियान चलाया। इसके तहत नालियों, खाली पड़े प्लॉटों, घरों की छतों पर रखे कबाड़, पुराने टायरों और अन्य जलभराव वाले स्थानों पर विशेष रूप से छिड़काव कराया गया। विभाग का उद्देश्य मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त कर डेंगू सहित अन्य मच्छरजनित बीमारियों के प्रसार को रोकना है।
स्वास्थ्य कर्मियों ने क्षेत्रीय नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास साफ-सफाई बनाए रखें तथा कूलर, गमलों, पुराने टायरों और अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें। मच्छरों से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनने और मच्छररोधी क्रीम का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए जनसहभागिता बेहद जरूरी है और नागरिकों को अपने आसपास मच्छरों के पनपने की स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने संचारी रोगों से संबंधित शिकायतों और सूचनाओं के लिए कंट्रोल रूम के नंबर भी जारी किए हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी क्षेत्र में जलभराव होने या बड़ी संख्या में बुखार के मरीज मिलने पर तत्काल संबंधित कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि प्रभावित इलाके में स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
डेंगू और अन्य संचारी रोगों से संबंधित सूचना देने के लिए नागरिक यूएचएम चिकित्सालय (परेड) के कंट्रोल रूम नंबर 0512-2333810 और 9335301096 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नगर निगम कंट्रोल रूम के नंबर 0512-2526004 और 0512-2526005 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

