HomeNEWSजिला कारागार सिद्धार्थनगर में श्रद्धा से मनाई गई गांधी और शास्त्री जयंती

जिला कारागार सिद्धार्थनगर में श्रद्धा से मनाई गई गांधी और शास्त्री जयंती

जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुआ कार्यक्रम, अधिकारियों और कर्मचारियों ने महापुरुषों के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प

  • अमित तिवारी

सिद्धार्थनगर। जिला कारागार सिद्धार्थनगर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती श्रद्धा एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन जेल अधीक्षक सचिन वर्मा के नेतृत्व में किया गया।

इस अवसर पर कारागार परिसर में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। अधिकारियों और कर्मचारियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन, संघर्ष और आदर्शों को याद किया।

कार्यक्रम में जेलर राम सिंह यादव, डिप्टी जेलर मुकेश प्रकाश, अजीत चंद, महेश सिंह सहित कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।

जेल अधीक्षक सचिन वर्मा ने कहा कि 2 अक्टूबर देश के लिए महत्वपूर्ण दिन है। इसी दिन महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जैसे महान व्यक्तित्वों का जन्म हुआ था। महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों को अपनाकर देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी।

उन्होंने कहा कि गांधी जी ने समाज में स्वच्छता, समानता, भाईचारे और सद्भाव की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। उनके सत्य, अहिंसा और आत्मसंयम के सिद्धांत आज भी समाज के लिए प्रासंगिक हैं और लोगों को बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं।

सचिन वर्मा ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन कारागार में निरुद्ध बंदियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। व्यक्ति अपनी गलतियों से सीखकर सकारात्मक सोच के साथ जीवन में बदलाव ला सकता है। सही दिशा में किए गए प्रयासों से जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।

इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को भी याद किया गया। अधिकारियों ने कहा कि शास्त्री जी अपनी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सादगी के लिए प्रसिद्ध थे।

कार्यक्रम में स्वच्छता, अनुशासन और आपसी भाईचारे के महत्व पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कारागार परिसर को स्वच्छ रखने तथा अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निर्वहन करने का संकल्प लिया।

जयंती समारोह के अंत में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा उनके विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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