48.5 करोड़ रुपये की लागत से 11 मंजिला रिसर्च लैब का होगा निर्माण, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और वायरोलॉजी समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी उपलब्ध
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए शोध के क्षेत्र में नई संभावनाएं खुलने जा रही हैं। मेडिकल की पढ़ाई के साथ अब विद्यार्थियों को रिसर्च कार्य करने की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इसके लिए कॉलेज में आधुनिक रिसर्च लैब का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए शासन से मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। नई लैब बनने से मेडिकल शिक्षा के साथ-साथ चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। हालांकि, यहां अपनी आधुनिक रिसर्च लैब की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण शोध कार्यों को आगे बढ़ाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। अब नई लैब के निर्माण से इन चुनौतियों को कम करने और विद्यार्थियों को शोध के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
प्रस्तावित रिसर्च लैब का निर्माण करीब 48.5 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। इसके लिए लगभग 3,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में 11 मंजिला भवन बनाए जाने की योजना है। इसमें माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी, कोशिका संवर्धन (सेल कल्चर), एनिमल हाउस और वायरोलॉजी जैसी आधुनिक शोध सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।
नई रिसर्च लैब में मेडिकल छात्र-छात्राओं और शोधकर्ताओं को विभिन्न बीमारियों, उनके कारणों और उपचार से जुड़े विषयों पर अध्ययन करने का अवसर मिलेगा। आधुनिक उपकरणों और प्रयोगशाला सुविधाओं की मदद से नए शोध कार्यों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। इससे चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में नई जानकारियों और उपचार संबंधी संभावनाओं को विकसित करने में सहायता मिल सकती है।
इसके अलावा, मरीजों पर दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल तथा उनके प्रभाव और दुष्प्रभावों के अध्ययन से जुड़ी शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे दवाओं की प्रभावशीलता और सुरक्षा के आकलन में मदद मिल सकती है। हालांकि, ऐसे परीक्षण निर्धारित नैतिक मानकों और नियामकीय स्वीकृतियों के अनुसार ही किए जाएंगे।
आधुनिक रिसर्च लैब का निर्माण पूरा होने के बाद जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में शोध कार्यों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा। इससे विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ अनुसंधान का अनुभव मिलेगा और चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों को आगे बढ़ाने के अवसर बढ़ेंगे। उम्मीद है कि इसका लाभ भविष्य में मरीजों के उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों में भी मिल सकेगा।


