
न्यायमूर्ति ने कहा- अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद तक अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक न्याय, दिव्यांगों को स्मार्ट स्टिक और व्हीलचेयर सहित लाभार्थियों को बांटे गए विभिन्न योजनाओं के हितलाभ।
- अमित कुमार
झांसी। न्याय केवल अदालतों में मुकदमों का फैसला सुनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित और जरूरतमंद व्यक्ति तक उसके संवैधानिक अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना ही वास्तविक न्याय है। यह विचार इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एवं जनपद झांसी के प्रशासनिक न्यायाधीश न्यायमूर्ति समित गोपाल ने रविवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में आयोजित बृहद विधिक सेवा एवं सहायता शिविर (मेगा कैंप) में मुख्य अतिथि के रूप में व्यक्त किए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस मेगा शिविर में विभिन्न जनकल्याणकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए, जहां एक ही स्थान पर लोगों को सरकारी योजनाओं और विधिक सहायता से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति समित गोपाल ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने जनपद न्यायाधीश कमलेश कच्छल, जिलाधिकारी गौरांग राठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार एवं मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड के साथ विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान न्यायमूर्ति ने स्टॉलों पर मौजूद अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली और लाभार्थियों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रहे सरकारी लाभों की स्थिति जानी। उन्होंने योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और जरूरतमंदों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य समारोह की शुरुआत दृष्टिबाधित छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष कमलेश कच्छल ने कहा कि जानकारी के अभाव और कागजी प्रक्रियाओं की जटिलताओं के कारण कई बार पात्र नागरिक सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। इसी समस्या को दूर करने के उद्देश्य से न्यायपालिका और प्रशासन ने संयुक्त रूप से यह पहल की है, ताकि पात्र लोगों को एक ही मंच पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

वहीं, जिलाधिकारी गौरांग राठी ने न्यायपालिका के मार्गदर्शन में संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने विभागीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने से संबंधित जानकारी भी साझा की।
शिविर के दौरान मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति समित गोपाल ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को मंच से हितलाभ वितरित किए। दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से दृष्टिबाधित दिव्यांगजनों को स्मार्ट स्टिक तथा अस्थिबाधित दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर प्रदान की गईं। सहायता उपकरण मिलने से लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।
इसके अलावा डूडा एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को आवास की चाबियां एवं स्वीकृति-पत्र प्रदान किए गए। स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत युवाओं को ऋण एवं अनुदान के चेक वितरित किए गए। वहीं, आईटीआई एवं कौशल विकास के प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और टूलकिट देकर प्रोत्साहित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में मेगा शिविर के नोडल अधिकारी एवं अपर जनपद न्यायाधीश शरद कुमार चौधरी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर के सफल आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री मुन्ना लाल की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर परिवार न्यायालय, कमर्शियल कोर्ट, लारा कोर्ट एवं एमएसीटी कोर्ट के पीठासीन अधिकारियों सहित जनपद के समस्त न्यायिक अधिकारी, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष एवं सचिव, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के विधि विभागाध्यक्ष, विभिन्न विभागों के प्रशासनिक अधिकारी, अधिवक्तागण और पराविधिक स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



