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झांसी में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित

स्वास्थ्य अधिकारियों एवं चिकित्सा अधिकारियों को HIV रोकथाम, जांच, उपचार और निगरानी की नवीन रणनीतियों का दिया गया प्रशिक्षण

  • अमित कुमार

झांसी। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी (UPSACS) एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PHFI) के संयुक्त सहयोग से जनपद झांसी में राष्ट्रीय एड्स एवं एसटीआई नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य चिकित्सा अधिकारी झांसी डॉ. शिशिर पुरी के मुख्य आतिथ्य में हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य जिला स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारियों को राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की नवीन रणनीतियों, जिला स्तरीय कार्ययोजना तथा HIV की रोकथाम, जांच, उपचार और निगरानी से संबंधित विषयों पर अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराना था। साथ ही कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

HIV नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान 95-95-95 लक्ष्यों, HIV/AIDS की वर्तमान स्थिति, जिला स्तरीय महामारी विज्ञान, HIV एवं STI स्क्रीनिंग, परामर्श एवं परीक्षण सेवाओं, ART, HIV-TB सह-संक्रमण, वायरल लोड मॉनिटरिंग और U=U अवधारणा सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इसके अलावा EVTHS, Targeted Interventions, OST तथा समुदाय आधारित HIV रोकथाम सेवाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को दी गई। HIV & AIDS (Prevention and Control) Act, 2017 के महत्वपूर्ण प्रावधानों और HIV से जुड़े भेदभाव को समाप्त करने के अधिकार-आधारित दृष्टिकोण पर भी चर्चा हुई।

कार्यक्रम में डॉ. मनीष शर्मा (मास्टर ट्रेनर), अमित जोशी (कैपेसिटी बिल्डिंग एक्सपर्ट, PHFI), नीरज श्रीवास्तव (कैपेसिटी बिल्डिंग ऑफिसर, PHFI) और रितु पांडे (CPM, दिशा टीम) ने प्रतिभागियों को विभिन्न तकनीकी विषयों पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन प्रदान किया।

केस स्टडी और समूह चर्चा के जरिए बढ़ाई गई समझ

कार्यशाला के दौरान केस स्टडी, समूह चर्चा, प्रस्तुतीकरण और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से जिला स्तर पर HIV सेवाओं के बेहतर प्रबंधन, समन्वय और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेन्स की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर डॉ. एन.के. जैन, डॉ. अंशुमान तिवारी, डॉ. रमाकांत (आर.के.) स्वर्णकार, डॉ. नितिन कंसौरिया, डॉ. वैभव पुरोहित, डॉ. माता प्रसाद और डॉ. रवीन्द्र सहित जनपद के विभिन्न स्वास्थ्य अधिकारी एवं चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों से फीडबैक और पोस्ट-ट्रेनिंग असेसमेंट लिया गया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और व्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे जिला स्तर पर HIV कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन, रेफरल, फॉलो-अप और स्वास्थ्य सेवाओं के एकीकरण में मदद मिलेगी।

कार्यशाला के माध्यम से HIV नियंत्रण कार्यक्रम में बेहतर प्रशिक्षण, समन्वय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

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