नागपुर में ‘अखण्ड घुंघरू नाद 2025’ — 12 घंटे तक गूंजा शास्त्रीय नृत्य का जादू

- समय टुडे डेस्क।
धरमपेठ एजुकेशन सोसायटी के नटराज आर्ट एंड कल्चर सेंटर द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘अखण्ड घुंघरू नाद 2025’ का आयोजन नागपुर में संपन्न हुआ। यह अनोखा शास्त्रीय नृत्य महोत्सव लगातार 12 घंटे तक चला, जिसमें देशभर से आए कलाकारों ने विभिन्न शास्त्रीय नृत्य शैलियों की शानदार प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपराओं का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना था, साथ ही नवोदित कलाकारों को मंच प्रदान करना भी इसका मुख्य लक्ष्य रहा। इस अवसर पर मणिपुर, झांसी, मुंबई, केरल सहित देश के कई हिस्सों से आए कलाकारों ने भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और अन्य शास्त्रीय नृत्य शैलियों में अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

झांसी की प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना डॉ. शगुफ्ता खान ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कार्यक्रम के आयोजक एवं नटराज आर्ट एंड कल्चर सेंटर के प्राचार्य डॉ. रविन्द्र हरिदास ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे —
एडवोकेट उल्हाश औरंगाबादकर (अध्यक्ष, धरमपेठ एजुकेशन सोसायटी), सुरेश देव (सचिव), एडवोकेट संजीव देशपांडे (चेयरमैन, नटराज आर्ट एंड कल्चर सेंटर, नागपुर), डॉ. रविन्द्र हरिदास (प्रिंसिपल), श्रीमती अवनति काटे (कथक गुरु) और डॉ. पूजा हिवड़े झा (भरतनाट्यम गुरु)।
यह कार्यक्रम कविकुलगुरु कालिदास संस्कृत विश्वविद्यालय, रामटेक से संबद्ध नटराज आर्ट एंड कल्चर सेंटर द्वारा आयोजित किया गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विविधता और गहराई का आनंद लिया।



